आगरालीक्स…तेजी से बढ़ रहे ब्लैडर, गुर्दे और प्रोस्टेट ग्रंथि के कैंसर..एआई और रोबोटिक सर्जरी से प्राथमिक स्टेज पर इनका इलाज संभव. आगरा में यूएयू 2026 के लिए 250 से अधिक यूरोलॉजिस्ट जुटे…
वर्तमान में ब्लैडर में कैंसर, गुर्दे के कैंसर और प्रोस्टेट ग्रंथि के कैंसर की शिकायतों में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। प्राथमिक स्टेज में कैंसर का पता चलने पर इलाज संभव है। इसमें आधुनिक एआई तकनीकी और रोबोटिक सर्जरी अहम भूमिका निभा रही है। भारतीय मरीजों में छोटे किडनी ट्यूमर का प्रबंधन। बीपीएच (प्रोस्टेट की समस्या) के लिए नई सर्जरी के नतीजे, ब्लैडर कैंसर में नए बायोमार्कर की खोज और शैबोटिक सर्जरी के बेहतर परिणाम पर चर्चा करने के लिए शनिवार को होटल जेपी पैलेस एंड कन्वेंशन सेंटर में यूरोलॉजिकल एसोसिएशन का दो दिवसीय 11 वां वार्षिक सम्मेलन, यूएयू 2026 का आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन की मेजबानी आगरा यूरोलॉजिकल एसोसिएशन कर रहा है।कॉन्फ्रेंस की थीम यूरोलॉजी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का समावेश और सर्जिकल जटिलताओं को कम करना रही। इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली-एनसीआर और देश के अन्य राज्यों से 250 से अधिक यूरोलॉजिस्ट और रिसर्चर ने सहभागिता की। आयोजन अध्यक्ष डॉक्टर विजय वोरा और आयोजन सचिव डॉ दिलीप मिश्रा ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में गुर्दे की पथरी, गुर्दे का कैंसर ब्लैडर का कैंसर और प्रोस्टेट ग्रंथि के कैंसर के कारण, बचाव और उपचार पर विशेषज्ञों ने विभिन्न सत्रों के माध्यम से चर्चा की। कार्यशाला में युवा डॉक्टरों और रेजिडेंट्स ने देशभर से आए विशेषज्ञों से सीधा संवाद कर यूरोलॉजी से संबंधित विभिन्न रोगों के इलाज और आधुनिक तकनीकी पर चर्चा की।
सेशन में अतिथि व्याख्यान (गेस्ट लेक्चर) का, जिसमें डॉ. केशवमूर्ति रामैया "रिइमेजिनिंग यूरोलॉजी एजुकेशन इन इंडिया" पर अपने विचार रखे तो डॉ. पवन जिंदल "एम्पैथी बियॉन्ड मेडिसिन" यानी दवा से परे सहानुभूति के महत्व पर बात की। दिन का समापन डॉ. के. एम. सिंह ओरेशन से हुआ। इस दौरान डॉक्टर अनुराग यादव, डॉक्टर नितिन गर्ग, डॉटर श्रेयांश चाहर मौजूद रहे। उद्घाटन यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (यूएसआई) के अध्यक्ष डॉ. केशवमूर्ति रामैया और यूएसआई के निर्वाचित सचिव डॉ. अनुप कुमार, डॉ. अपुल गोयल, डॉ. एच.एस पाहवा, डॉ. अनीश श्रीवास्तव, डॉ. दिवाकर दलेला, डॉ. एके संवाल, डॉ. संजॉय कुमार सुरेका और डॉ. विश्वजीत सिंह, डॉ मधुसूदन अग्रवाल, आयोजन अध्यक्ष डॉक्टर विजय वोरा और आयोजन सचिव डॉ दिलीप मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
सत्रों में आधुनिक तकनीकी से हो रहे इलाज पर हुई चर्चा
शनिवार को प्रमुख सत्रों में मुख्य रूप से कॉम्प्लिकेशन सेशन: रोबोटिक एंड लेप्रोस्कोपिक सर्जरी रहा। इसमें लखनऊ, नोएडा, गोरखपुर, झांसी और वाराणसी जैसे शहरों के विशेषज्ञों ने अपने रियल लाइफ केस स्टडीज पेश की। अन्य सत्र में मेरठ, आगरा, प्रयागराज, बरेली और कानपुर के डॉक्टर और यूरेथोप्लास्टी के दौरान आई चुनौतियाँ पर चर्चा की। एआई का व्यावहारिक ज्ञान "प्रैक्टिकल गाइड टू एआई।" इसमें डॉक्टरों को बताया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनी दिनचर्या में कैसे उतारा जाए।
रिसर्च और नवाचार का उत्सव
दूसरे दिन की शुरुआत होगी योग और स्वास्थ्य सत्र से, क्योंकि डॉक्टर खुद स्वस्थ रहेंगे तभी मरीजों को स्वस्थ रख पाएंगे। इसके बाद सुबह का सत्र रहेगा पेपर सत्र (पपोडियम) का। यहाँ युवा शोधकर्ता अपने रिसर्च पेपर पेश करेंगे। इसके बाद वीडियो सत्र होगा, जिसमें डॉक्टर अपनी अटिस सर्जरी के बीडियो दिखाएंगे। इसमें आईसीजी की मदद से किडनी की सर्जरी, जोनिटो - यूरिनरी ट्यूबरकुलोसिस में रोबोटिक रिकंस्ट्रक्शन और महिलाओं में पूरेधल इंजरी की
सर्जरी जैसे विषय शामिल होंगे।