आगरालीक्स…Agra News” आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि में पांच प्रोफेसर बनाए गए सीनियर प्रोफेसर, रिक्त पदों पर भर्ती के लिए स्क्रीनिंग कमेटी के साथ कई बड़े निर्णय लिए गए।
डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की सोमवार को कार्य परिषद की बैठक खंदारी परिसर स्थित गेस्ट हाउस में संपन्न हुई।
कुलपति प्रोफेसर आशु रानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्य परिषद ने कैरियर एडवांसमेंट योजना के तहत परिषद ने प्रो. संजीव शर्मा, प्रो. अजय तनेजा, प्रो. मनु प्रताप सिंह, प्रो. प्रदीप श्रीधर और प्रो. संजय चौधरी को सीनियर प्रोफेसर पद पर वैयक्तिक पदोन्नति प्रदान की। वहीं डॉ. राजेश कुशवाहा, डॉ. नीलम यादव, डॉ. राजीव वर्मा और डॉ. मोहम्मद हुसैन को सह आचार्य पद पर पदोन्नति दी गई। इसके साथ ही विवि में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए स्क्रीनिंग कमेटी के गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। परिषद ने सख्त रुख अपनाते हुए मैनपुरी के शांति देवी महाविद्यालय में सत्र 2026-27 से छात्र प्रवेश पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है। यह निर्णय भूमि संबंधी तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने और प्रशासनिक जांच लंबित होने के कारण लिया गया। परिषद ने ऐसे महाविद्यालयों के विरुद्ध भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए जिन्होंने शासन के ऑनलाइन पोर्टल पर स्थायी संबद्धता एवं संबद्धता संबंधी आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण नहीं की हैं। ऑर्डिनेंस के अनुसार समयसीमा और विश्वविद्यालय निर्देशों का पालन न करने वाले संस्थानों पर आर्थिक दंड लगाने की स्वीकृति प्रदान की गई।
विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष पर स्मारक सिक्का जारी करने हेतु कुलाधिपति के माध्यम से भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। पुस्तकालय में 60,000 पुस्तकों को आरएफआईडी सिस्टम से लैस किया जा चुका है, शेष का कार्य जारी है। विवेकानंद इनक्यूबेशन फाउंडेशन के माध्यम से छात्रों द्वारा 15 कंपनियां पंजीकृत की गई हैं। बैठक में नव-नामित सदस्य पूरन डाबर ने फुटवियर टेक्नोलॉजी में व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने का सुझाव दिया। प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस योजना के तहत अनिल कुमार पांडे, दिवाकर खरे और देवेंद्र सक्सेना छात्रों को अपने अनुभव से शिक्षित करेंगे। इस दौरान कुलसचिव अजय मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओम प्रकाश और परिषद के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
शिक्षक, कर्मचारी अब स्वायत्त निकाय
शिक्षक संघ एवं कर्मचारी संघ के प्रतिवेदन पर विचार करते हुए कार्य परिषद ने निर्णय लिया कि सभी को राज्य सरकार के स्वायत्त निकाय के अंतर्गत ही नियमानुसार सेवा शर्तों में सम्मिलित किया जाएगा। प्रो. गौतम जैसवार द्वारा प्रस्तुत निलंबन समाप्ति की अपील पर विचार करते हुए परिषद ने मामले को पुनः आईसीसी को प्रेषित करने का निर्णय लिया, ताकि राज्य सरकार की सस्पेंशन नियमावली के अनुरूप पुनः परीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके।