आगरालीक्स…देखें वीडियो, आगरा चौपाटी पर बेटे की मौत पर डीएम के सामने फूट—फूट कर रोए माता—पिता. बोले—साहब, अपना बेटा खो दिया. इतना बड़ा एडवेंचर पार्क लेकिन सुरक्षा कुछ नहीं, मैं चीख पुकार करता, एंबुलेंस तक नहीं थी…
साहब, इतना बड़ा एडवेंचर पार्क चला रहे हैं लेकिन सेफ्टी कुछ नहीं. मेरे सामने मेरा बेटा गिरा, चीख पुकार करते रहे लेकिन मदद को कोई नहीं आया. एंबुलेंस तक नहीं थी..यह कहते—कहते 15 साल के कुणाल के माता—पिता बुरी तरह से फूट—फूट कर डीएम आगरा के सामने रो पड़े. फिरोजाबाद के रहने वाले चूड़ी व्यापारी पंकज अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ आगरा घूमने आए थे. मंदिर में दर्शन किए और मॉल भी गए. शाम को आगरा चौपाटी पहुंचे. यहां जिपलाइन एडवेंचर करने की जिद बड़े बेटे 15 साल के कुणाल ने की लेकिन जिप लाइन पर जाते ही उसका लॉक टूट गया और कुणाल 45 फीट से नीचे गिर गया जिससे उसकी मौत हो गई.
डीएम को बताई पीड़ा, की ये मांग
शुक्रवार को मृत कुणाल के माता पिता पंकज और रिंकी अग्रवाल अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय मंत्री विनय अग्रवाल के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में जाकर मंडलायुक्त, पुलिस कमिश्नर और डीएम मनीष बंसल से मिले और ज्ञापन सौंपा. अधिकारियों ने इस मामले की जांच तेज करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया.
लापरवाही के चलते हुए हादसा
अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के चेयरमैन विनोद अग्रवाल ने बताया कि आगरा चौपाटी में जिपलाइन ऑपरेटर (ठेकेदार) एवं आगरा विकास प्राधिकरण की लापरवाही के चलते फिरोजाबाद के कुणाल अग्रवाल पुत्र पंकज अग्रवाल निवासी गली बाजार, फिरोजाबाद की 45 फुट ऊंची जिप लाइन से गिरकर मौत हो गई थी. जिससे हंसते खेलते परिवार में गहरा मातम छा गया है. वरिष्ठ उपाध्यक्ष (ब्रज प्रदेश) मुकेश बंसल ने कहा कि जिपलाइन आपरेटर ने सुरक्षा व्यवस्था के कोई इंतजाम नहीं कर रखे थे. न तो नीचे कोई गद्दा या जाल बिछाया गया था, न ही कुणाल को हेलमेट ही पहनाया गया था, जिससे कि हादसा होने की स्थिति में किसी की जान न जाये. जिपलाइन वालों पर हादसा होने की स्थिति में कोई भी एंबुलेंस और फर्स्ट एड की व्यवस्था नहीं थी. बहुत देर तक कुणाल अग्रवाल गिरने के बाद वहीं पड़े रहे हैं.
अग्रवाल महासभा ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच करने, दोषियों को कड़े से कड़ा दंड देने और कम से कम पचास लाख रुपये का मुआवजा मृतक परिवार को दिलाने के साथ ही मकान दिलाने की मांग की है. जोखिम वाले ऐसे कार्यों को अविलंब बंद कर दिया जाये. यदि न्याय और मुआवजा नहीं मिला तो अग्रवाल समाज अपनी रणनीति बनाएगा और आंदोलन करेगा. न्याय की लड़ाई लड़ेगा.