आगरालीक्स….आगरा सत्याग्रह को लेकर 5 सितंबर को जुटेगा सवर्ण समाज. प्रधानमंत्री से करेंगे 4 मागें. जानें क्या है वो मांगे जिसको लेकर आगरा के शहीद स्मारक में जुटेंगे सवर्ण समाज के विभिन्न दल और संगठन
5 सितंबर 2026 को शहीद स्मारक, संजय प्लेस, आगरा पर आयोजित होने जा रहे आगरा सत्याग्रह को लेकर आयोजकों ने गुरुवार को प्रेसवार्ता की। प्रेसवार्ता में कार्यक्रम की तैयारियों और विभिन्न जिलों से आने वाले लोगों को लेकर जानकारी दी गई। आगरा सत्याग्रह के संयोजक अरुण उपाध्याय ने बताया कि 5 सितंबर को शहीद स्मारक, संजय प्लेस पर आयोजित सत्याग्रह में आगरा के साथ-साथ आसपास के विभिन्न जिलों से सवर्ण समाज के लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को विभिन्न सहयोगी दलों और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। सत्याग्रह में देश के प्रधानमंत्री से हमारी चार मांगे हैं। एससीएचसी एक्ट को तत्काल प्रभाव से खत्म किया जाए। यूजीसी का काला कानून समाप्त जाए। सवर्ण आयोग गठित हो और आरक्षण में संशोधन की चार प्रमुख मांगे होंगी।
अरुण उपाध्याय ने कहा, “जब तक सरकार हमारी मांगों और बातों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तब तक हम लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।
कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सुरेंद्र सिंह भगौर ने कहा कि सत्याग्रह को लेकर तैयारियां पूरी की जा रही हैं और विभिन्न जिलों से आने वाले लोगों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य अपनी मांगों और विचारों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार एवं प्रशासन के समक्ष रखना है। आयोजकों ने बताया कि आगरा सत्याग्रह 5 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे शहीद स्मारक, संजय प्लेस, आगरा पर आयोजित किया जाएगा। आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों से अनुशासन बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।
ये रहे मौजूद
सत्याग्रह संयोजक अरुण उपाध्याय, प्रभारी डॉ. सुरेंद्र सिंह भगौर, रोहित कटारा, आचार्य राहुल रावत, मुन्ना मिश्रा, एडवोकेट शुभम कटारा, महेश शर्मा प्रधान, कशिश उपाध्याय, आदित्य, पवन चौधरी, अनिकेत, अमन ठाकुर, जीते ठाकुर, राहुल बिष्ट, योगेश अग्रवाल, रवि सिसौदिया, सोहित कटारा, अंकुर सारस्वत एडवोकेट, महान मुद्गल एवं बलविंद्र चाहर सहित अन्य आयोजक एवं समर्थक मौजूद रहे।