आगरालीक्स…आगरा के फतेहाबाद में उफान पर आई उटंगन नदी. टोडा पुल डूबा, 50 गांवों का संपर्क टूटा. 30 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाने को मजबूर ग्रामीण
। उटंगन नदी में आई बाढ़ से फतेहाबाद और बाह तहसील के ग्रामीण इलाकों में आवागमन प्रभावित हो गया है। जलस्तर बढ़ने से टोडा पुल पानी में समा गया है। पुल पर आवागमन बंद होने से फतेहाबाद तहसील के करीब दो दर्जन गांवों का सीधा संपर्क टूट गया है। ग्रामीणों को अब पिनाहट होकर करीब 30 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर आवागमन करना पड़ रहा है। उटंगन नदी का जलस्तर बढ़ने से फतेहाबाद तहसील के गढ़ी उदयराज, सारंगपुर, कुतुकपुर गोला, भीकनपुर, शैदपुर, गढ़ी कूमरा, बिहारी, जवाहरपुर, नागर, भदौरा, पथरकोट, किशन की पोखरिया और लालपुरा समेत कई गांव प्रभावित हुए हैं। नदी के आसपास खेतों में पानी भरने से खड़ी फसलें भी जलमग्न हो गई हैं। इससे किसानों को फसल बर्बाद होने और आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर और बढ़ा तो खेतों के साथ आबादी वाले क्षेत्रों में भी संकट बढ़ सकता है। फिलहाल ग्रामीण नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। टोडा पुल के डूबने से सबसे अधिक परेशानी रोजाना आवागमन करने वाले ग्रामीणों को हो रही है। जिन गांवों के लोगों का फतेहाबाद और बाह क्षेत्र से पुल के रास्ते सीधा संपर्क था, उन्हें अब पिनाहट होकर जाना पड़ रहा है। इससे सफर करीब 30 किलोमीटर बढ़ गया है। बाजार, स्कूल, रोजगार और अन्य जरूरी कामों के लिए आने-जाने में ग्रामीणों को अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ रहा है।उटंगन नदी के बहाव की गति धीमी होने के बावजूद पानी आसपास के खेतों में फैल गया है। कई स्थानों पर फसलें पानी में डूबी हुई हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि जलस्तर बढ़ने पर नुकसान का दायरा और बढ़ सकता है।
लेखपाल करेंगे फसल नुकसान का सर्वे
तहसीलदार शिखर मिश्रा ने बताया कि उटंगन नदी के आसपास तैनात लेखपालों को जलस्तर बढ़ने की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम को देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जलमग्न फसलों का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।