आगरालीक्स …आगरा में जेल में बंद बंदी की मौत हो गई, उसे समय से इलाज नहीं मिल सका, इस मामले में बंदी रक्षक को सस्पेंड कर दिया है।
नगला कली थाना सहपऊ जिला हाथरस निवासी मनोज गौतम और उसके दो भाई दोहरे हत्याकांड में सेंट्रल जेल में वर्ष 2016 से बंद हैं। वर्ष 2007 में नगला कली में दो लोगों की हत्या हुई थी। इसमें मनोज गौतम, उसका भाई सतेंद्र उर्फ संजय, उनके चालक समेत चार लोगों को नामजद किया गया था। मनोज समेत सभी आरोपी पहले अलीगढ़ जेल में बंद रहे थे। बंदी मनोज गौतम और उसका भाई सतेंद्र उर्फ संजय भी उसी के साथ एक ही बैरक में बंद था। संजय का आरोप है कि मंगलवार कि रात करीब एक बजे उसके भाई मनोज गौतम के सीने में अचानक तेज दर्द हुआ। उसने बंदीरक्षक हरविलास से कहा कि तुरंत चिकित्सक को सूचना दो। आरोप है कि बंदीरक्षक ने तत्काल चिकित्सक को सूचना नहीं दी। बंदी को गंभीर हालत में पहले जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में तबियत बिगड़ने पर एसएन अस्पताल में भर्ती कराया। जहां अलसुबह बंदी मनौज गौतम की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बंदी की मौत कैसे हुई है। जेल प्रशासन ने हार्टअटैक की आशंका जताई है।
भाई के साथ जेल में बंद संजय बंदीरक्षक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संजय का आरोप है कि वह चीखता रहा, फिर भी बंदीरक्षक ने चिकित्सक को नहीं बुलाया। संजीव त्रिपाठी, डीआईजी जेल का मीडिया से कहना है कि बंदी की मौत के मामले में परिजनों के आरोपों की जांच कराई जा रही है। प्रथम दृष्टया बंदीरक्षक हरविलास की लापरवाही उजागर होने पर उसे निलंबित कर दिया है। रिपोर्ट आने के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।