आगरालीक्स …आगरा में होली पर नशे में हुडदंग करने वालों पर बडी कार्रवाई, 150 से अधिक हुडदंगी हवालात में डाले, थाने की हवालात फुल हो गई है।
आगरा में होली को लेकर पुलिस सतर्क है, यूपी 100 नंबर पर शिकायत मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को यूपी 100 नंबर का पफोन बजता रहा, अधिकांश शिकायत शराब के नशे में हंगामा और झगडा करने की आई। हरकत में आई पुलिस ने होली पर हुडदंग करने वाले करीब 150 लोगों को पकड कर हवालात में डाल दिया।
हरीपर्वत थाने की हवालात फुल
होली पर हुड़दंग करने वालों पर पुलिस ने सख्ती सेहरीपर्वत थाना की हवालात दोपहर तक ही फुल हो गई। न्यू आगरा में भी पुलिस ने 15 लोग पकड़े। सबसे ज्यादा कार्रवाई एत्माद्दौला और जगदीशपुरा में की गई। कई शिकायत नशे में तेज स्पीड गाडी चलाने की आई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
जगह जगह लगाए गए बैरियर
होली के लिए आगरा में जगह जगह बैरियर लगाए गए हैं, इन बैरियर पर नशे में गाडी चलाने वालों की जांच करने के साथ ही होली पर हुडदंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यमुना किनारा रोड पर सड़क किनारे पुलिस खड़ी की गई है। हुड़दंगियों के चालान शांति भंग की धारा 151 में किए जा रहे हैं। इन्हें मजिस्ट्रेट के यहां पेश किया जाएगा। अगर जमानत नहीं मिली तो जेल की हवा खानी पड़ेगी।
होली पर जुमे की नमाज का बदला समय
इसके साथ ही जुमे की नमाज के समय में बदलाव करने की अपील की है।
शाही जामा मस्जिद समेत अन्य मस्जिदों में दोपहर एक बजे होने वाली नमाज 1.30 बजे और 1.30 बजे होने वाली नमाज दोपहर दो बजे के बाद अदा कराने को कहा है।
शाही जामा मस्जिद में आयोजित बैठक में इस्लामियां लोकल एजेंसी के चेयरमैन की अध्यक्षता हाजी असलम कुरैशी ने कहा कि शुक्रवार को होली का त्योहार है। इस दिन हमारे हिंदू भाई रंगों से होली खेलते हैं। आगरा की पहचान सुलहकुल की नगरी के रूप में है।
अमन के लिए होली पर बदल दिया नमाज का वक्त
होली पर जुमे की नमाज को तय समय से आधा घंटे की देरी से अदा कराएं। उन्होंने कहा कि साथ ही किसी नमाजी पर रंग गिर भी जाए तो इसे तूल नहीं दें। होली का त्योहार मिल जुलकर मनाएं। उन्होंने बताया कि एजेंसी जिले की 38 मस्जिदों की देखरेख करती है।
नायब शहर काजी मौलाना मोहम्मद उजैर आलम का कहना है कि इस्लामिया लोकल एजेंसी ने नमाज के वक्त को कुछ आगे बढ़ाने की अपील की है, जोकि सराहनीय बात है। इसका हर मुस्लिम को सहयोग करना चाहिए। कई शहरों में मुस्लिम ऐसा कर रहे हैं तो आगरा में समय बदलने में क्या हर्ज है।
फाइल फोटो