आगरालीक्स… आगरा के तीन बड़े बिल्डर्स पर मुकदमा दर्ज हुआ है। इन पर लाखों रुपये लेने के बाद भी फ्लैट न देने के आरोप लगे हैं। तीन बिल्डर से जुड़े 8 लोगों पर अलग अलग थानों में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
आगरा के सीओडी में ओएसडी महेश शर्मा ने आरोप लगाया है कि 2012 मैं 20 लाख में नालन्दा हाइट्स ताजनगरी में फ्लैट बुक कराया था। बैंक से ऑन और पीएफ एकाउंट से पैसे निकालकर 16 लाख रुपये जमा करा दिए। इसके बाद भी फ्लैट नही दिया। नालन्दा बिल्डर्स एंड डेवलपर के सन्तोष कटारा और राधेश्याम शर्मा पर मुकदमा दर्ज हुआ है|
मुकदमा 2 आगरा कॉलेज के विधि संकाय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शितिकंठ दुबे ने मुकदमे में कल्पतरू बिल्डटेक कॉर्पोरेशन के सीएमडी जयकृष्ण राणा व अजय सिंह नामजद हैं। आरोप है कि फरह के चुरमुरा आवासीय योजना में 15 मार्च 2013 को एक फ्लैट बुक कराया था। बुकिंग के समय 2.66 लाख रुपये जमा कराए गए। बिल्डर ने तीन साल में कब्जा देने का वायदा किया। साथ ही यह भी कहा कि तीन साल में कब्जा नहीं दे पाए तो ब्याज सहित पैसा वापस करेंगे। समय पूरा होने पर भी फ्लैट तैयार नहीं हुआ। 7 अप्रैल 2016 को कल्पतरू ग्रुप के सीएमडी जयकृष्ण राणा से संपर्क किया। उन्होंने फ्लैट देने में असमर्थता जताई। तीन माह में रुपये वापस करने का आश्वासन दिया। बिल्डर के कहने पर उन्होंने अपने कागजात उनके ऑफिस में जमा कर दिए। अभी तक पैसा वापस नहीं मिला है। आरोप है कि बिल्डर और उनके कर्मचारी भूमिगत हो गए हैं।
मुकदमा 3 जेल में बंद बिल्डर शैलेंद्र अग्रवाल और उसके साथियों के खिलाफ हुआ है। 6, एमजी रोड निवासी प्रतीक गुप्ता ने कोर्ट के आदेश पर शैलेंद्र अग्रवाल, ब्रोकर, योगेश तिवारी, मार्केटिंग मैनेजर गणेश शर्मा और मैनेजर अभिषेक शर्मा के खिलाफ मुकदमा लिखाया है। मुकदमे के अनुसार 4 जनवरी 2016 को प्रतीक और उनके भाई ने 2.5-2.5 लाख रुपये जमा करके दो फ्लैट बुक कराए थे। ये फ्लैट बिल्डर ने किसी और को बेच दिया। बाद में उसी ब्लॉक में दूसरे फ्लैट देने का एग्रीमेंट किया। फ्लैट के नाम पर कई किश्तों में लाखों रुपये जमा कराए। बिल्डर ने अभी तक फ्लैट पर कब्जा नहीं दिया है।

