आगरालीक्स…आगरा में यमुना एक्सप्रेस वे पर हादसे वाले तीन ब्लैक स्पॉट चिन्हित, इन पर सबसे ज्यादा हादसे होते हैं, इन ब्लैक स्पॉट पर रम्बल स्ट्रिप लगाई गई हैं ताकि वाहन चालक को यदि नींद आ रही हो तो वह जाग जाये।
आगरा डवलपमेन्ट फाउण्डेशन (एडीएफ) के सचिव व वरिष्ठ अधिवक्ता के0सी0 जैन यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (येडा) ने 26 जून को भेजे आरटीआई के जवाब में कहा है कि वर्ष 2018 के पहले तीन माह में हादसों की संख्या 108 थी, जिनमें 19 व्यक्तियों की मृत्यु हुई और 258 घायल हुए। हादसों में हुई मौतों के आंकड़ों की तुलना यदि विगत वर्षों से की जाये तो वे लगभग आधे हैं, जबकि घायलों की संख्या लगभग तीन-चौथाई है। यह खुलासा अभी हाल में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (येडा) से प्राप्त सूचना से हुआ जिसको कि येडा द्वारा आगरा डवलपमेन्ट फाउण्डेशन (एडीएफ) के सचिव व वरिष्ठ अधिवक्ता के0सी0 जैन को दिनांक 26.6.2018 को भेजा गया।
ओवरस्पीड से हो रहे हादसे
अनुसार वर्ष 2012 से मार्च 2018 तक 4,956 सड़क हादसे हुए, जिनमें से 1,161 हादसे (23.42 प्रतिशत) ओवरस्पीडिंग के कारण से हुए, जबकि 595 हादसे (12 प्रतिशत) टायर फटने से हुए और कोहरे के कारण कुल 235 (4.74 प्रतिशत) हादसे हुए। शेष 2,965 हादसे (59.82 प्रतिशत) अन्य कारणों से हुए, लेकिन ये कौन से अन्य कारण हैं इसका खुलासा येडा या जे0पी0 इन्फ्राटैक लि0 द्वारा नहीं किया गया है। अन्य कारणों से हुए हादसों की संख्या बड़ी होने के कारण यह जानना जरूरी हो गया है कि आखिर वे अन्य कारण कौन से हैं जो कि एक्सप्रेसवे पर बड़ी संख्या में मौतों का कारण बन रहे हैं।
तीन लाख से अधिक वाहन ओवर स्पीड में पकडे गए
सूचनाधिकार में उपलब्ध कराई गई सूचना के अनुसार वर्ष 2018 की पहली तिमाही में ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों की संख्या 3,04,713 रही, जो कि वर्ष 2017 की एक तिमाही के सापेक्ष में लगभग आधी रही। यह बदलाव जेवर टोल प्लाजा पर चालान की संख्या बढ़ने के कारण हुआ, यह स्पष्ट नहीं है क्योंकि जब चालानों की संख्या येडा से पूछी गई तो उसके द्वारा पुलिस विभाग से सूचना प्राप्त करने की बात कही गई है। यदि इन आंकड़ों पर विश्वास किया जाय तो ओवरस्पीडिंग भी कम हुई और हादसे व मौतों की संख्या में भी गिरावट आई है।
हादसे के तीन ब्लैक स्पॉट चिन्हित
यमुना एक्सप्रेसवे पर तीन ब्लैक स्पॉट्स बताये गये हैं, जो कि ग्रेटर नोएडा से आने पर यमुना एक्सप्रेसवे पर 8.5 किमी, 15 किमी व 61-62 किमी चेनेज पर है, जिसके लिए येडा के अनुसार हादसों को कम करने के लिए रम्बल स्ट्रिप लगाई गई हैं ताकि वाहन चालक को यदि नींद आ रही हो तो वह जाग जाये।
* प्रतिमाह औसत रूप से 1 लाख से अधिक वाहन यदि ओवरस्पीडिंग कर रहे हैं, जिसके कारण 25 प्रतिशत हादसे हो रहे हैं, तो ओवरस्पीडिंग पर चालान के माध्यम से अंकुश लगाया जाना चाहिए।
* यमुना एक्सप्रेसवे पर ओवरस्पीडिंग, टायर फटने व कोहरे के कारण के अलावा अन्य कारणों से जो 60 प्रतिशत हादसे होते हैं, उसके विषय में भी येडा को खुलासा व आगाह करना चाहिए ताकि वाहन चालक उन कारणों को ध्यान में रखते हुए अपने वाहनों को चलायें।
* हादसों का विवरण येडा द्वारा अपनी वेबसाइट पर दिया जाना चाहिए ताकि कारण प्रचारित हो सकें।
* प्रत्येक हादसे की जांच रिपोर्ट (फोटो सहित) भी वेबसाइट पर दी जानी चाहिए।
* सेण्ट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) की सिफारिशों के अनुसार रोड सेफ्टी ऑडिट व अन्य कदम उठाये जाने चाहिए।
यमुना एक्सप्रेसवे पर स्थित तीनो टोल प्लाजाओं से गुजरने वाले वाहनों का
31 मार्च 2018 तक का वर्षवार विवरण
वर्ष जेवर टोल प्लाजा मथुरा टोल प्लाजा आगरा टोल प्लाजा
2012 11,82,354 8,83,561 6,98,218
2013 42,20,580 32,39,379 24,60,741
2014 53,49,777 43,09,321 31,33,170
2015 62,71,173 51,13,969 37,12,696
2016 70,78,775 57,36,767 42,54,174
2017 80,54,825 62,04,965 46,35,529
2018 21,57,809 16,37,228 12,20,571
(31 मार्च तक)
कुल 3,43,15,293 2,71,25,190 2,01,15,099
यमुना एक्सप्रेसवे पर गतिसीमा उल्लंघन करने वाले वाहनों का
31 मार्च 2018 तक का वर्षवार विवरण
2012 2013 2014 2015 2016 2017 2018
(31 मार्च तक)
3,87,601 52,42,055 58,41,658 49,97,875 41,32,240 24,45,113 3,04,713
यमुना एक्सप्रेसवे पर गतिसीमा उल्लंघन करने वाले वाहनों का
31 मार्च 2018 तक का वर्षवार विवरण
2012 2013 2014 2015 2016 2017 2018
(31 मार्च तक)
3,87,601 52,42,055 58,41,658 49,97,875 41,32,240 24,45,113 3,04,713
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई दुर्घटनाओं, मौतों और घायलों का
31 मार्च 2018 तक का वर्षवार विवरण
वर्ष दुर्घटनायें मौतें घायल
2012 280 33 391
2013 896 118 1345
2014 771 127 1335
2015 919 142 1392
2016 1219 133 1524
2017 763 146 1426
2018 108 19 258
(31 मार्च तक)
कुल 4,956 718 7,671
यमुना एक्सप्रेसवे पर स्थित ब्लैक स्पॉट्स की संख्या व उनकी स्थिति
क्र.सं. स्थिति/चेनेज क्षेत्र-सैक्टर
1 किमी 15 + 000 गौतमबुद्धनगर
2 किमी 8 + 500 – जे0पी0 स्पोर्टस् सिटी के सामने गौतमबुद्धनगर
3 61-62 किमी0 के आसपास मथुरा
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई वर्ष 2012, 2013, 2014, 2015, 2016, 2017 व 2018 (31 मार्च तक)
के मध्य गतिसीमा उल्लंघन, टायर फटने, धुंध व अन्य कारणों से हुई दुर्घटनाओं का विवरण
क्र.सं. ओवरस्पीडिंग से टायर फटने से धुंध/कोहरे के कारण अन्य कारण से कुल दुर्घटनायें
2012 75 64 8 133 280
2013 239 118 43 496 896
2014 208 71 47 445 771
2015 233 120 29 537 919
2016 233 151 48 787 1219
2017 156 60 46 501 763
2018 17 11 14 66 108
(31 मार्च तक)
कुल 1,161 595 235 2965 4,956
23.42 प्रतिशत 12 प्रतिशत 4.74 प्रतिशत 59.82 प्रतिशत 100 प्रतिशत