आगरालीक्स …आगरा में होलिका को सजाया गया है, होलिका दहन के साथ ही लोग होली खेलने लग जाएंगे, देखें होलिका दहन का मुहूर्त और क्या है पौराणिक कथा
बुधवार रात 8:58 के बाद करें होलिका दहन
होलिका दहन बुधवार की रात 8:58 बजे के बाद होगा।
20 मार्च, 2019 बुधवार को सुबह 10:44 बजे तक चतुर्दशी तिथि रहेगी। इसके बाद 21 मार्च को सुबह 7:12 बजे तक पूर्णिमा रहेगी। अस्तु होलिका दहन दिनांक 20 मार्च 2019 के दिन करना सर्वसम्मत रहेगा। इस दिन भद्रा काल सुबह 10:44 बजे से रात 8:58 तक रहेगा। भद्रा काल में होलिका दहन को अशुभ माना गया है। 20 मार्च को दोपहर 12:26 बजे के बाद होलिका पूजन शुभ रहेगा।
होली की पौराणिक कथा
हिंदू मान्यताओं के अनुसार हरि भक्त प्रहलाद का अंत करने के लिए उनके पिता हिरणाकश्यप ने कई तरह से प्रयास किए थे लेकिन सफलता नहीं मिली। हिरणाकश्यप को बहन होलिका ने एक युक्ति सुझाई। होलिका ने कहा कि उसे ब्रह्म देव ने वरदान दिया है कि अग्नि से जलेगी नहीं। इसलिए वह प्रहलाद को गोद में लेकर जलती आग में बैठ जाएगी। आग की लपटों में प्रहलाद भस्म हो जाएगा और वह जीवित बच जाएगी लेकिन भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा की।
होलिका जलकर भस्म हो गई और प्रहलाद का बाल भी बांका नहीं हुआ। अंगारे प्रभु भक्त के लिए फूलों में तब्दील हो गए। तब से होलिका दहन की परंपरा है। भक्त प्रहलाद के जीवित होने पर लोगों ने अगले दिन खुशी मनाई। भगवान श्रीकृष्ण से भी होली खेलने की लीला जुड़ी है। गेहूं, सरसों, जौ, चना आदि फसल की पैदावार से भी इस पर्व को जोड़कर देखा जाता है।