आगरालीक्स… आगरा में 18 अप्रैल को हुए मतदान में बडी लापरवाही सामने आई है, तीन बूथों पर 50 50 मॉक पोल के वोट ईवीएम की जांच के लिए डाले गए, इन्हें डिलीट नहीं किया गया और मतदान करा दिया गया। मामला पकडे जाने के बाद खलबली मची हुई है। निर्वाचन आयोग ने इन तीनों बूथों पर वीवीपैट की पर्चियों से मतों की गणना के आदेश दिए हैं।
आगरा में 18 अप्रैल को आगरा लोकसभा सीट पर मतदान हुआ। मतदान से एक घंटा पहले सभी बूथों पर सुबह छह बजे से 3778 बूथों पर मॉक पोल हुआ। मॉक पोल के तहत पीठासीन अधिकारियों को ईवीएम पर 50-50 वोट डालने थे। यह प्रक्रिया सभी प्रत्याशियों के एजेंटों की मौजूदगी में हुई।मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आगरा उत्तर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 35, 119 और 359 में मॉक पोल हुआ। मॉक पोल के बाद ईवीएम को बंद (सी) करना था, फिर रीसेट (आर) और क्लीयर(सी) बटन दबाना था। तीन बूथों के पीठासीन अधिकारियों ने इस प्रक्रिया (सीआरसी) को नहीं अपनाया और मतदान शुरू करा दिया। मतदान के बाद तीनों बूथों की ईवीएम व वीवीपैट को स्ट्रांगरूम में जमा करा दिया गया। आगरा लोकसभा सीट के आरओ व सीडीओ रविंद्र कुमार का मीडिया से कहना है कि कि तीनों बूथों की रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को भेजी थी। आयोग ने ईवीएम के बदले वीवीपैट की पर्चियों की गिनती के आदेश दिए हैं।