आगरालीक्स ..आगरा में अनूठी पहल, मरने के बाद आंखें रहेंगी जिंदा, दिल्ली गेट निवासी व संवेदना संस्था और श्रीगिर्राज जी सेवा मण्डल के संरक्षक विष्णु बाबू अग्रवाल मृत्युउपरान्त बी दो लोगों की जिन्दगी को रोसन कर गए। पुत्र संजीव बाबू अग्रवाल ने बताया कि 2.40 बजे पिताजी की मृत्यु हुई थी। उनकी इच्छानुसार नके नेत्र एसएन मेडिकल कॉलेज में दान कर दिए गए। लगभग 4.30 बजे एसएन की टीम उनके निवास पर पहुंची और नेत्रदान प्रक्रिया को पूरा किया। संवेदना संस्था के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने बताया कि संस्था द्वारा नेत्रदान शिविर लगाया था। जिसमें 200 से अधिक लोगों ने नेत्रदान का घाषणा पत्र भरा था।