आगरालीक्स ..आगरा में प्रदूषण का बडा कारण धूल कण हैं, यह फ्लाईओवर, अंडरपास के कारण बढ रहे हैं, इसे लेकर एनएचएआई पर 6.84 करोड़ का जुर्माना लगाया है। 15 दिन में जुर्माना जमा नहीं करने पर एनएचएआई पर केस दर्ज किया जाएगा।
आगरा में कई सालों से साल से राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के चौड़ीकरण, फ्लाईओवर, अंडरपास निर्माण, मरम्मत व ध्वस्तीकरण आदि कार्य लापरवाह ढंग से चल रहे हैं। टीटीजेड चेयरमैन व कमिश्नर आगरा अनिल कुमार ने प्रदूषण फैलाने पर कार्रवाई के आदेश दिए थे।
15 दिन में जमा करना होगा जुर्माना
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड टीम ने हाईवे पर निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स का सर्वे किया। इसमें पर्यावरण व प्रदूषण मानकों का उल्लंघन पाया गया। निर्माण एवं ध्वस्तीकरण के समय प्रदूषण फैलने से रोकने के उपाय नहीं किए गए थे।नोटिस का भी जवाब नहीं दिया गया। 1865 दिन के आकलन में एनएचएआई द्वारा पर्यावरणीय क्षति पाई गई। इस रिपोर्ट पर मुख्य पर्यावरण अभियंता वृत्त-4 आरके सिंह ने इस मामले में एनएचएआई पर 6,84,37,500 रुपये का जुर्माना ठोका है।यूपीपीसीबी क्षेत्रीय अधिकारी भुवन यादव ने बताया कि एनएचएआई को जुर्माना 15 दिन में जमा कराना होगा।