आगरालीक्स.. आगरा में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए 1222 लोगों को घर पर क्वारनटाइन निगरानी में किया गया है, कोरोना पीडित आठ में से सात पूरी तरह से कोरोना फ्री हो चुके हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार आगरा से अभी तक 418 लोगों के सैंपल भेजे जा चुके हैं, आठ में कोरोना की पुष्टि हुई है, 13 मार्च के बाद कोई नया केस नहीं आया है। 1222 लोगों को घर पर ही निगरानी में रखा गया है।
कोरोना के आगरा में यूपी के सबसे ज्यादा आठ केस
आगरा के खंदारी क्षेत्र निवासी जूता कारोबारी के दोनों बेटे अपने दिल्ली निवासी जीजा के साथ इटली गए थे, वहां से लौटने के बाद दिल्ली निवासी जीजा को परेशानी होने पर दिल्ली में एक माच्र को जांच कराई गई। जीजा के कोरोना की पुष्टि होने के बाद उनके साथ गए आगरा के जूता कारोबारी के दोनों बेटे सहित 13 परिजनों की जिला अस्पताल में जांच हुई। इसमें से जूता कारोबारी, उनका बडा बेटा, बेटे की पत्नी, नाती और छोटे बेटे में कोरोना की पुष्टि और जूता कारोबारी की पत्नी में हैवी वायरल लोड आने पर दो मार्च को सफदरजंग हॉस्पिटल दिल्ली भर्ती किया गया। छह मार्च को जूता कारोबारी की फैक्ट्री में मैनेजर में भी कोरोना की पुष्टि हुई, अगले दिन उनकी पत्नी में भी कोरोना वायरस की पुष्टि होने के बाद सात मार्च को दिल्ली भर्ती करा दिया। बेंगलुरू से आगरा अपने मायके लौटी युवती में 13 मार्च को कोरोना की पुष्टि होने के बाद एसएन के आइसोलेशन वार्ड में इलाज चल रहा है।
14 दिन के इलाज के बाद सात कोरोना फ्री, एक भर्ती
14 दिन तक इलाज चलने के बाद 14 मार्च को एनआईवी पुणे की रिपोर्ट में जूता कारोबारी, उनके छोटे बेटे और बडे बेटे की पत्नी में कोरोना निगेटिव आने पर छुटटी कर दी गई। 19 मार्च को जूता कारोबारी के बडे बेटे, 10 वीं का छात्र उनका नाती, पफैक्ट्री मैनेजर और उनकी पत्नी की रिपोर्ट भी निगेटिव आ गई, इन्हें भी रात को दिल्ली से छुटटी कर दी है। इस तरह 14 दिन इलाज के बाद आठ में से सात कोरोना फ्री हो गए हैं, कोरोना संक्रमित युवती एसएन के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती है।
यूएई से लौटे परिवार सहित 21 के लिए सैंपल
जिला अस्पताल में 19 मार्च को यूएई से लौटे एक ही परिवार के सात लोगों के साथ 21 के सैंपल लिए गए, 10 को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है।