आगरालीक्स….सशक्त राष्ट्र निर्माण के लिए जरूरी हैं स्वामी विवेकानंद के आदर्श और विचार…डीईआई में राष्ट्रीय युवा दिवस पर हुआ वेबिनार…
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं स्वामी जी के विचार
दयालबाग शिक्षण संस्थान, दयालबाग, आगरा में स्वामी विवेकानंद नंद जी के जन्म दिवस के अवसर पर 12 जनवरी 2021 को एक वेबीनार का आयोजन किया गया जिसका विषय था “स्वामी विवेकानंद जी की शिक्षा तथा आज के समय में उसकी प्रासंगिकता”. स्वामी विवेकानंद विश्व के सर्वाधिक प्रसिद्ध दार्शनिकों एवं माँक में से एक थे जिनके जन्म दिवस को भारत में युवा दिवस के रूप में सन 1984 से 12 जनवरी को मनाया जाता है. राष्ट्रीय सेवा योजना के डॉ रंजीत कुमार ने बताया कि स्वामी विवेकानंद के विचार एवं आदर्श युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत रहे हैं.
युवाओं के लिए आदर्श हैं स्वामी जी
वेबिनार के प्रारंभ में दयालबाग शिक्षण संस्थान के उन्नत भारत अभियान के कोऑर्डिनेटर डॉ अशोक जांगिड़ ने सभी अतिथि वक्ताओं व प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा वेबिनार के विषय तथा उद्देश्य पर प्रकाश डाला. आज के वेबीनार में मुख्य वक्ता महेंद्र पाल शर्मा थे जो एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं. उन्होंने आज के इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद जी को याद करते हुए उनके जीवन के विभिन्न पहलू पर वृहद रूप से प्रकाश डाला तथा उनके जीवन के सभी कार्यों को युवाओं के लिए आदर्श बताया. श्री महेंद्र पाल शर्मा जी ने बताया कि स्वामी विवेकानंद जी का जीवन व दार्शनिक विचार देश के तमाम कुरीतियों को दूर करने में सहायक हो सकता है. आज के युवा अगर स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शो पर चलें तो समाज से बुराइयां ही दूर नहीं होगी बल्कि एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण होगा.
दूसरे मुख्य वक्ता प्रोफेसर वी रामनाथन आईआईटी बीएचयू वाराणसी के थे. प्रोफेसर रामनाथन ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का चिंतन करने व युवाओं में उनके आदर्शों को शामिल करने पर बल दिया तथा बताया की सामाजिक व सांस्कृतिक संरक्षण बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा की स्वामी विवेकानंद जी के विचार युवा में जोश भरने तथा जिंदगी जीने की कला सिखाता है. वह अनुशासन, प्रेम, सहिष्णुता, सजगता तथा सत्य निष्ठा का बोध भी कराता है. विशेषता शर्मा ने सामाजिक कुरीतियों पर चिंता जाहिर करते हुए कहा की आज के समय में युवाओं को इन कुरीतियों से दूर करने के लिए उनके घर में तथा शिक्षण संस्थान में स्वच्छ आचरण की शिक्षा मिलनी चाहिए. सामाजिक बुराइयों से बचने के लिए युवाओं को अच्छे शिक्षक व अच्छे अभिभावक की जरूरत है जिस जरूरत को दयालबाग शिक्षण संस्थान बहुत हद तक पूरा भी करता है.
श्रेया शर्मा ने स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शो को अपनाकर युवाओं को अच्छा संस्कार, पालन पोषण व शिक्षा मिलने पर बल दिया । उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी के बताए गए मार्ग युवाओं को सभी तरह की समस्या का सामना करने की कला सिखाता है । यह युवा वर्ग के लिए संजीवनी की तरह है तथा स्वामी विवेकानंद जी का जन्मदिन को युवा दिवस के रूप में मनाना सर्वथा उचित है.
डीईआई में स्किल डेवलप पर भी दिया जाता है बल
राष्ट्रीय सेवा योजना लखनऊ के रीजनल डायरेक्टर डॉ अशोक श्रोती ने स्वामी विवेकानंद जी के विचार व शिक्षा को स्वावलंबी भारत के निर्माण के लिए जरूरी बताया. युवा वर्ग को स्वावलंबी तथा उनके लिए रोजगार की व्यवस्था आवश्यक है. बेरोजगार युवा सामाजिक कुरीतियों से प्रभावित होते हैं. इसलिए युवाओं को स्किल प्राप्त करने पर ध्यान देने की जरूरत बताया तथा कहा कि दयालबाग शिक्षण संस्थान, दयालबाग, आगरा पूरे देश में शिक्षा के साथ-साथ स्किल डिवेलप करने पर बल देता है. स्वामी विवेकानंद जी ने रोजगार युक्त युवा व विकसित भारत की परिकल्पना की थी जिसे चरितार्थ करने का समय आ गया है. वेबीनार का आयोजन दयालबाग शिक्षण संस्थान के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई तथा उन्नत भारत अभियान द्वारा संयुक्त रूप से की गई. वेबीनार का संचालन डॉ अशोक जांगिड़ ने किया तथा समापन अवसर पर धन्यवाद ज्ञापन डॉ रंजीत कुमार ने किया. सेमिनार के दौरान सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थी, स्वयंसेवक व शिक्षक उपस्थित रहे.