आगरालीक्स….’देह शिवा वर मोहे है शुभ कर मन जम कब हूं न तरों’…आगरा में धूमधाम से मना गुरू गोविंद सिंह जी का प्रकोशोत्सव.
गुरू सिंह सभा माईथान में सजा कीर्तन दरबार
सरबंश दानी सिक्खों के दसवे गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी जिनका प्रकाश पर्व आज देश ही नहीं विदेशों में धूम धाम से मनाया गया इसी कड़ी में आगरा में केंद्रीय स्तर पर श्री गुरु सिंह सभा माईथान के तत्वावधान में प्रात 10 बजे से कीर्तन दरबार सजा. श्री गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाश उपरांत भाई बृजेंद्र सिंह हजूरी रागी ने गुरुवाणी का गायन करते हुए संगत को मोह लिया. उसके उपरांत वीर महेंद्र पाल सिंह सुख मणी सेवा सभा आगरा ने ‘चोजी मेरे गोविंदा चोजी मेरे प्यारे’ का गायन करते हुए कहा सर बंश दानी महा परोपकारी, महा दानी गुरु गोविंद सिंह जी का वर्णन हर जगह मिलता है. अपने दूसरे शब्द मे उन्होंने ‘देह शिवा वर मोहे शुभ कर मन तो कब हूं ना टरो’ जैसे जोशीले शब्द का गायन करते हुए कहा कि गुरु जी अरदास करते हुए कहते है कि हैं वाहेगुरू मुझे इतना बल दे की में शुभ कर्म करने मे कभी पीछे नहीं हटा.

ज्ञानी कुलविंदर सिंह ने कथा करते हुए बताया कि इतिहास मे दुसरा कोई उदाहरण नहीं है जहा उन्होंने 9 साल की उम्र में अपने पिता का एवं अपनी माता गुजर कौ र अपने चारो साहिब जादो का बलिदान करवाया. इस अवसर फतेहगढ़ साहिब यात्रा करने वाले जत्थे रवि दुबे, भूपेंद्र ठाकुर, बंटी ग्रोवर, गिरधारी लाल को भी समाज की तरफ से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया. प्रधान कंवल दीप सिंह ,परमात्मा सिंह, बॉबी बेदी, हर दीप सिंह डग,रक्षपाल सिंह, सुरेंद्र सलूजा, जस्सी, हर पाल सिंह रोहित कत्याल मौजूद रहे.