आगरालीक्स…अब घर में शराब रखने के लिए भी लेना होगा लाइसेंस,नहीं तो हो जाएगा एक्शन.. यूपी में आबकारी विभाग की नई नीति…
यूपी में लाइसेंस अनिवार्य
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अब घर में शराब रखने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया है. हालाँकि, आपको केवल एक लाइसेंस की आवश्यकता होगी जब आप निर्धारित सीमा से अधिक शराब रखेंगे. उत्तर प्रदेश में संशोधित आबकारी नीति के अनुसार, “व्यक्तियों को निर्धारित खुदरा सीमा से अधिक निजी शराब खरीदने, परिवहन या निजी लाइसेंस रखने का लाइसेंस प्राप्त करना होगा.” नई नीति के अनुसार, प्रति व्यक्ति या एक घर में केवल छह लीटर शराब खरीदने, परिवहन या निजी कब्जे की सीमा तय है. इससे अधिक शराब का उपभोग करने के लिए आबकारी विभाग से लाइसेंस लेना पड़ता है.
शराब तस्करी की जांच को उठाया कदम
इस कदम पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने संवाददाताओं से कहा कि यह कदम “शराब तस्करी की जाँच करेगा और राज्य के समग्र हित में है”. यह पूछे जाने पर कि क्या राज्य सरकार की उत्तर प्रदेश को शराब मुक्त बनाने की योजना है, उन्होंने कहा, “हम जबरदस्ती कुछ नहीं कर सकते हैं, लेकिन राज्य के हित में जो भी होगा हम उन कदम उठाएंगे.” आबकारी विभाग 12,000 रुपये वार्षिक शुल्क पर लाइसेंस प्रदान करेगा जबकि 51,000 रुपये निर्धारित शर्तों के तहत सुरक्षा धन के रूप में जमा करना होगा। लाइसेंस को एक वर्ष के बाद नवीनीकृत करना होगा।
5 प्रतिशत की वृद्धि
“राज्य सरकार ने आबकारी विभाग के ने वर्ष 2021—22 में 34,500 करोड़ रुपये लक्ष्य रखा है जो कि वर्ष 2020—21 में 28,300 से 6 हजार करोड़ रुपये के अधिक है. परिणामस्वरूप, वार्षिक लाइसेंस में यह पांच प्रतिशत की वृद्धि हुई है. वर्ष 2021-22 के लिए देशी शराब, विदेशी शराब खुदरा दुकानों और मॉडल दुकानों की फीस, बीयर की खुदरा दुकान लाइसेंस फीस में कोई वृद्धि नहीं की गई है. ये बात “अतिरिक्त मुख्य सचिव, उत्पाद शुल्क, संजय भूसरेड्डी ने कही.