आगरालीक्स…विश्वेश्वर दयाल के द्वितीय स्मरण पर हुई गीतांजलि…शानदार प्रस्तुतियों से गूंजा वातावरण..
विश्वेश्वर दयाल अग्रवाल का साहित्य कालजयी
साहित्यकार, कवि एवं विचारक श्री विश्वेश्वर दयाल अग्रवाल का साहित्य कालजयी है। उन्होंने साहित्य की हर विधा पर 50 साल तक अनवरत रूप से लिखा है, जो युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। उक्त उद्गार नगर साहित्यकारों ने 26 जनवरी को होटल गोवर्धन में विश्वेश्वर दयाल अग्रवाल के द्वितीय स्मरण दिवस पर आयोजित गीतांजलि में व्यक्त किए.

होटल गोवर्धन में हुआ आयोजन
होटल गोवर्धन में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत श्री विश्वेश्वर दयाल जी, श्री अरविंद एवं श्रीमां के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन के साथ हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नगर के वरिष्ठ कवि श्री राजेंद्र मिलन ने स्व विश्वेश्वर दयाल अग्रवाल जी के व्यक्तित्व और कृतित्व की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर आयोजित गीतांजलि कार्यक्रम में श्री गजेंद्र जी के निर्देशन में उनके शिष्य और शिष्याओं ने संगीतमयी प्रस्तुतियां दीं।
श्री गजेंद्र सिंह जी ने ‘सब्र बहुत काम आएगा’ की शानदार प्रस्तुति दी तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा. मुकुल ने ‘चुन—चुन शब्द माला गूंथूं’ से गीतांजलि को यादगार बना दिया. यही नहीं वंदना ने ‘आया यौवन वसंत…’, रोहित, चमन, जयंत ने ‘निष्काम पथ पे चल तू मानव…’, श्रेया शर्मा ने ‘बैर भाव एक रोग है’…,लीना ने ‘श्री राधे शरण तिहारी…’, राहुल निवेरिया ने ‘आवो मिल रब गुण गावो…’, और शिवांगी ने ‘उतरो मां गंगे’ की भावूपर्ण प्रस्ततियां दी. ‘श्री अरविंदाय नम:…’गुरु वंदना शिव कुमार जी ने अपने ही अंदाज में पेश की.
श्री अग्रवाल आध्यात्म गुरु श्री अरविंद एवं श्रीमां के अनन्य साधक रहे। उन्होंने गृहस्थ जीवन में रहते हुए ही संन्यास का मार्ग चुना। जो वस्तुत: संन्यास का वास्तविक मार्ग है। उन्होंने विदेश से उच्च शिक्षा प्राप्त की और उसके बाद देश में श्री अरविंद जी के विचार और साधना पद्धति के प्रचार—प्रसार में जुट गए और आजीवन उसी में जुटे रहे। इस दौरान उन्होंने दो पुस्तकें भी लिखीं।
ये रहे मौजूद
संचालन वरिष्ठ साहित्यकार श्री सुशील सरित ने किया। इस मौके पर श्री अरविंद जी के विचारों, शिक्षाओं और आदर्शों पर आधारित आरोहण डॉट कॉम नामक वेबसाइट की लांचिंग भी की गई। कार्यक्रम में सुरेंद्र शर्मा, पवित्रा अग्रवाल, संजय अग्रवाल, रीना अग्रवाल, अजय अग्रवाल, श्री अर्पित, वेद प्रकाश अग्रवाल, अनुराग अग्रवाल, बीना शर्मा, हरीश सक्सेना चिमटी, दिलीप जैन, अनिल अग्रवाल, हर्ष यादव, रजत यादव व अरविंद शिक्षण संस्थान के पदाधिकारी मौजूद रहे।