आगरालीक्स…आगरा की इस एनसीसी कैडेट ने बढ़ाया मान. थल सेना में बनी अफसर. आगरा ही नहीं, प्रदेश स्तर पर रचा इतिहास…पढ़ें उपलब्धियां
मंजिल उन्ही को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है,
पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है।।
आगरा कॉलेज की एनसीसी कैडेट थीं रिचा
आगरा कॉलेज की एन सी सी कैडेट रिचा पाराशर ने भारतीय थल सेना में अफसर बनकर केवल आगरा शहर का ही नहीं बल्कि प्रदेश स्तर भी इतिहास रच दिया है।लगभग दस वर्षों के पश्चात कोई एन सी सी कैडेट भारतीय थल सेना में अफसर बनी है। कल 29 मई को ऑफीसर्स ट्रेनिंग एकेडमी चेन्नई में पासिंग आउट परेड में उन्हें दो स्वर्ण पदक एवं ट्रेनिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए श्रेष्ठता पत्र से भी सम्मानित किया जाएगा।उत्तर प्रदेश निदेशालय एवं आगरा ग्रुप से एकमात्र महिला कैडेट हैं जिन्होंने यह मुकाम हासिल किया है।
आल इंडिया तीसरे स्थान पर हुई चयनित
आगरा कॉलेज की कंपनी कमांडर लेफ्टिनेंट रीता निगम ने बताया कि प्रत्येक वर्ष एन सी सी विशेष भरती के तहत मात्र पांच रिक्तियां भारतीय थल सेना में महिला अधिकारियों के लिया होती हैं,रिचा पाराशर इसमें ऑल इंडिया तीसरे स्थान पर चयनित हुई थी। लेफ्टिनेंट रीता निगम ने बताया मात्र दस वर्ष की उम्र में रिचा के पिता का देहांत हो गया था लेकिन उसके मन मस्तिष्क में अपने पिता की इच्छा, कि वो उसे भारतीय सेना में देखना चाहते थे,को उसने अपना लक्ष्य बनाकर आगरा कॉलेज एन सी सी गर्ल्स विंग मे प्रवेश लिया। लक्ष्य को मुकाम तक पहुंचाने का सफर निश्चित ही बहुत कठिन था लेकिन लेफ्टिनेंट रीता निगम के कुशल मार्गदर्शन,हर संभव मदद एवं सहयोग, कर्नल गुरविंदर सिंह सिद्धू के कुशल निर्देशन एवं रिचा के दृढ़ निश्चय एवं कठिन परिश्रम ने उसे इस लक्ष्य तक पहुंचा ही दिया।इसमें उसके परिवार का पूर्ण सहयोग भी रहा। लेफ्टिनेंट रीता निगम का कहना है की रिचा पाराशर ने यह उपलब्धि हासिल करके सभी युवाओं को यह संदेश दिया है कि मन में अपना लक्ष्य निर्धारित करके उसे प्राप्त करने के लिए दृढ़ निश्चय,लगन,त्याग,समर्पण एवं सतत प्रयास किया जाए तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं हो सकता।रिचा जैसी बेटियों पर हमको नाज है।
रिचा की ये हैं उपलब्धियां
रिचा पाराशर 17500 फीट की ऊंचाई पर पर्वतारोहण कर चुकी है।
उत्तर प्रदेश निदेशालय की सर्वश्रेष्ठ कैडेट के रूप में गणतंत्र दिवस परेड में निदेशालय का प्रतिनिधित्व कर चुकी है.
राज्यपाल रजत पदक एवं 5000 रु पारितोषिक से माननीय राज्यपाल राम नायक द्वारा सम्मानित की जा चुकी है.
डॉक्टर बी आर अम्बेडकर विश्वविद्यालय से इतिहास में एम फिल की उपाधि सर्वोच्च अंकों से उत्तीर्ण कर चुकी हैं.
कुलपति और प्राचार्य ने भी दी बधाई
रिचा पाराशर की इस सफलता पर कुलपति अशोक मित्तल, आगरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शीलवंत कुमार मिश्रा, प्रो. बीडी शुक्ला, फ्लाइंग लेफ्टिनेंट विजय कुमार सिंह, लेफ्टिनेंट अमित अग्रवाल के साथ साथ संपूर्ण विश्वविद्यालय एवं कॉलेज परिवार अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहा है.
रिचा पाराशर की इस उपलब्धि पर, आगरा एन सी सी ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर मनोज मोहन, ब्रिगेडियर लोकेश मिनोचा,डिप्टी ग्रुप कमांडर एस के पांडियान,कर्नल विष्णु सिकरवार,वन यू पी गर्ल्स बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल रोहित खन्ना,प्रशासनिक अधिकारी मेजर बरखा गुरुबक्सानी तथा अन्य सभी ने हर्ष व्यक्त किया है.