आगरालीक्स…(स्मृति शेष) पत्रकार बनना चाहती थीं सुरेखा सीकरी. ‘द किंग लायर’ ने ऐसे उन्हें अभिनेत्री बना डाला
टीवी सीरियल की बालिका वधु में दादी सा के किरदार से लोगों के दिलों पर राज करने वाली अभिनेत्री सुरेखा सीकरी से पुरा बालीवुड रंगमंच जगत शोकाकुल है। कम ही लोंगो को ज्ञात होगा की सुरेखा सीकरी पत्रकार बनना चाहती थी,मगर किस्मत ने उन्हें अभिनेत्री बना दिया। 19 अप्रैल 1945 में दिल्ली में जन्मी सुरेखा सीकरी का बचपन नैनीताल और अलमोडा में बीता. वहीं उनकी प्रारम्भिक शिक्षा दीक्षा हुई। बाद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविघालय से उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की। यहीं उनकी जिन्दगी में एक नाटकीय बदलाव आया और वह पत्रकारीता की ओर जाने की बजाय अभिनय के क्षेत्र में आ गईं।
नाटक ने किया प्रभावित
एएमयू में पढ़ाई के दौरान सुरेखा एक बार ‘द किंग लायर’ नाटक देखने गयी थीं। इस नाटक ने उन्हें बहुत प्रभावित किया और उनके मन में अभिनेत्री बनने की इच्छा पैदा हो गई। उन्होंने दिल्ली के राष्ट्रीय विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया और 1991 में वहां से ग्रेजुयेशन किया। बाद में उन्होंने कई नाटकों में काम किया। थियेटर के बाद उन्होंने फिल्मों की ओर रुख किया। 1978 में उनकी पहली फिल्म अम्रत नहाता की फिल्म ‘किस्सा कुर्सी का’ सिनेमा घरों में लगी और उसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया। उन्हें सहायक भूमिकाओं में अहम अभिनय के लिए तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।