आगरालीक्स.. आगरा में पैराशूट और रिकवरी सिस्टम तैयार किया जा रहा है, इसी पैराशूट से भारत के पहले अंतरिक्ष मिशन से अंतरिक्ष में पहुंचने वाले अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लेकर आया जाएगा। इसके लिए एडीआरडीई, आगरा द्वारा पैराशूट और रिकवरी सिस्टम तैयार किया जा रहा है।
भारत का पहला अंतरिक्ष मानव मिशन 2021 में प्रस्तावित है, इस मिशन में दो अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। अंतरिक्ष से प्रथ्वी की कक्षा में प्रवेश करने के बाद क्रू मॉडयूल में शामिल दो अंतरिक्ष यात्रियों को पानी और जमीन पर पैराशूट के माध्यम से उतारा जाना है, इसके लिए हाईव वितरण अनुसंधान एवं विकास संस्थापन एडीआरडीई द्वारा पैराशूट तैयार किया गया है। मीडिया से एडीआरडीई के निदेशक एके सक्सेना का कहना है कि देश के पहले अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा बनना एडीआरडीई के लिए गौरवशाली है।
इसरो और आईआईटी की टीम कर चुकी है परीक्षण
अंतरिक्ष मिशन के लिए एडीआरडीई द्वारा तैयार किए गए पैराशूट का परीक्षण इसरो और आईआईटी कानपुर की टीम कर चुकी है। इससे पहले मार्स मिशन में भी एडीआरडीई के पैराशूट की मदद से रोवर मंगल की सतह तक पहुंचा गया था।
क्रू मॉडल में छह पैराशूट
अभी तक अमेरिका, रूस और चीन के पास स्वेदेशी रिकवरी सिस्टम है, अब भारत के पास भी अपना स्वेदशी रिकवरी सिस्टम होगा। एडीआरडीई द्वारा तैयार किए गए क्रू मॉडयूल में छह पैराशूट होंगे, इमसें से आठ मीटर व्यास के दो दो क्रू मॉडल अलग हो जाते हैं। 31 मीटर व्यास वाले आखिरी दो पैराशूट क्रू मॉडयूल को नीचे लेकर आएंगे, इसे हृयूमन रिकवरी सिस्टम का नाम दिया गया है।