आगरालीक्स… गुडस एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू हो अच्छा है, लेकिन टैक्स रेट कम होने चाहिए। आगरा बिजनेस फोरम की मीटिंग में जीएसटी पर चर्चा की गई। फतेहाबाद रोड स्थित होटल कोर्टयार्ड बाय मैरिओट में आगरा बिजनेस फोरम की छठवीं मीटिंग को संबोधित करते हुए

बदल जाएगा देश का बिजनेस मॉडल
कर सलाहकार श्री जैन ने बताया कि जीएसटी कर प्रणाली देश में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद अप्रत्यक्ष करों में अब तक का सबसे बड़ा परिवर्तन है। इस कर प्रणाली के लागू होने पर उत्पाद एवं सेवाओं की सप्लाई चेन प्रक्रिया में पूर्ण बदलाव आने से देश का संपूर्ण बिजनेस मॉडल ही बदल जाएगा।
वन नेशन-वन टैक्स
श्री जैन ने कहा कि हर राज्य में, हर शहर में अलग-अलग तरह के टैक्स, अलग-अलग वैल्यू के साथ लगते हैं। जीएसटी लागू होने के बाद पूरे देश में सिर्फ एक टैक्स लगेगा। यानि जो टैक्स आगरा में लग रहा है, वही दिल्ली, केरला, जम्मू-कश्मीर आदि में लागू होगा। ये टैक्स, सामान के शहर में प्रवेश पर लगने वाले कर, एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स और अन्य राज्य स्तरीय करों की जगह ले लेगा। सीधे-सीधे शब्दों में कहें तो वन नेशन-वन टैक्स की अवधारणा लागू होगी।
अब नहीं चलेगा ‘कच्चा बिल’
कर सलाहकार श्री जैन ने बताया कि ‘कच्चा बिल’ फाड़कर काली कमाई करने वाले कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। जीएसटी लागू होने पर ‘कच्चा बिल’ से कारोबार नहीं हो पाएगा। ऐसा होने से न सिर्फ टैक्स की चोरी रुकेगी बल्कि काले धन पर अंकुश भी लगेगा।
आएगा जीएसटी के नेटवर्क में
उन्होंने जीएसटी लागू होने के बाद जब वस्तुओं की आवाजाही पूरे देश में होगी तो कहीं न कहीं उसे जीएसटी के नेटवर्क में आना ही होगा। ऐसा होते ही पता चल जाएगा कि इसका बिल कैसा है। मसलन अगर कोई वस्तु एक कारोबारी से दूसरे के पास जाती है तो दोनों कारोबारियों को उसका बिल जीएसटी नेटवर्क पर अपलोड करना होगा।
मीटिंग में ये रहे मौजूद
आगरा बिजनेस फोरम के संस्थापक राहुल जैन, तरुण अग्रवाल, दीपेंद्र मोहन, दीपक राघव, सदस्य रोहित जैन, यश अग्रवाल, आकाश गोयल, हेमंत जैन, ऋषि जैन, माधव मोहन बंसल, प्रशांत जैन, रचित अग्रवाल, अंकुर जैन, अनुज जैन सहित 200 से अधिक कारोबारियों, चार्टर्ड एकाउंडटेंट्स की भागीदारी रही।
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