आगरालीक्स… आगरा में डेंगू कहर बरपाने लगा है, डेंगू के पॉजिटिव केस आने के साथ ही सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीज भर्ती हो रहे हैं। प्लेटलेट काउंट कम होने से तीमारदारों के होश उडे हुए हैं। हालांकि, चिकित्सकों का कहना है कि डेंगू से घबराने की जरूरत नहीं है, यह भी सामान्य वायरल की तरह ही है। इसमें प्लेटलेट काउंट कम होते हैं, लेकिन ये वायरल संक्रमण खत्म होने के बाद बढ जाते हैं।
दिल्ली के बाद आगरा में भी डेंगू के पॉजिटिव केस आ रहे हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा के डेंगू प्रभारी डॉ म्रदुल चतुर्वेदी का कहना है कि दो मरीजों में डेंगू पॉजिटिव मिला है, इनकी उम्र 25 और 30 साल है, दोनों की मरीजों की हालत स्थिर है। एसएन में बनाए गए डेंगू वार्ड में 25 मरीज भर्ती हैं, इसके साथ ही बाल रोग विभाग में भी डेंगू पीडित मरीज भर्ती हो रहे हैं। इस तरह आने वाले दिनों में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ सकती है। प्राइवेट हॉस्पिटल में भी डेंगू के मरीज भर्ती हो रहे हैं।
प्लेटलेट काउंट कम होने से न हों परेशान
डॉ म्रदुल चतुर्वेदी का कहना है कि डेंगू के 99 फीसद मरीज ठीक हो जाते हैं, एक फीसद मरीज, जिनमें डेंंगू हेमोरेजिक फीवर होता है, उन्हें खतरा रहता है। जिस तरह मलेरिया में हीमोग्लोबिन का स्तर कम होने लगता है, डेंगू में प्लेटलेट काउंट कम हो जाते हैं। सामान्य व्यक्ति में प्लेटलेट काउंट 1 50 लाख से 4 50 लाख तक होते हैं, डेंगू के मरीज में प्लेटलेट काउंट 10 से 20 हजार तक पहुंच जाते हैं। इसमें परेशान नहीं होना चाहिए, प्लेटलेट काउंट कम होने के साथ ही मुंह और शरीर के किसी भी अंग से ब्लीडिंग होने लगे तो परेशानी हो सकती है। ब्लीडिंग न होने पर प्लेटलेट काउंट खुद ही बढ जाते हैं और जंबो पैक और ब्लड चढाने की जरूरत नहीं होती है।
साफ पानी में पनपता है डेंगू का मच्छर
एडीज एजप्टाई मच्छर से डेंगू फैलता है, यह साफ पानी में पनपता है, कूलर, एसी और गमलों में मच्छरों को न पनपने दें, इससे डेंगू फैलने का खतरा कम हो सकता है। डेंगू पीडित मरीज को एडीज एजप्टाई मच्छर खा लेता है तो वह भी बीमारी से संक्रमित हो जाता है, वह जब किसी स्वस्थ्य व्यक्ति को काटता है तो उसे डेंगू होने का खतरा रहता है।
ये हैं डेंगू के लक्षण
तेज बुखार और सिर दर्द, आंखों में दर्द
शरीर पर चक्कते, उल्टी आना
(इंटरनेट फोटो)
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