आगरालीक्स…आगरा के जीआईसी मैदान में लगा मेला. दर्जनों प्रकार के झूले. डुप्लिकेट अमिताभ बच्चन संग जमकर नाचे दर्शक…देव लोक व माता वैष्णों देवी की गुफा रही आकर्षण का केन्द्र
भक्ति के साथ सिंधी कला, संस्कृति और खान-पान के अनूठे संगम से समाहित दो दिवसीय झूलेलाल मेला में आज देशभक्ति के रंग भी नजर आए। एक ओर जहां देव लोक और माता वैष्णों देवी की झांकी थी तो वहीं सिंधी गीत और नृत्य का उत्सव। सतरंगी रोशनी से सजे मेला परिसर में सिंधी व्यंजनों की महक बिखेरते छोला-डबल, साई भाजी-चावल, भीह आलू (कमल ककड़ी) की सब्जी, सेइल फुल्का, सीरा मालपुओ तो वहीं सिंधी परिधानों की भी स्टॉल थी। जीआईसी ग्राउंड में आज जय झूलेलाल मेला समिति द्वारा दो दिवसीय झूलेलाल मेले का शुभारम्भ कुछ ऐसे ही अनूठे अंदाज में हुआ। जिसमें बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साह व उमग के साथ भाग लिया।
प्रवेश द्वारा पर ही विराजमान वरुणावतार भगवान झूलेलाल को नमन करते हुए श्रद्धालुओं ने मेले में प्रवेश किया। आगे थी जूट, बोरी और पत्थरों से तैयार की गई माता वैष्णों देवी की ईकोफ्रैंडली गुफा। जहां शीश नवाकर श्रद्धालु बाहर निकले तो आकर्षक झांकी के रूप में माता के भक्त भैरोनाथ के दर्शन मिले। कैलाश पर्वत पर विराजमान भगवान रुद्र के अलौकिक दर्शन के बाद सजा था वरुणावतार भगवान झूलेला का भवन। जहां स्वामी लीलाशाह के साथ सिंधी समाज के दर्जनों संतों की झांकी हर श्रद्धालु को लुभा रही थी। मेले में बच्चों झूलों का भी खूब आनन्द उठाया। समाज के बच्चों में नाइशा हरजानी, हितवी पंजवानी ने डांस व कुणाल चावला ने कविता पाठ किया। दर्शकों ने मेले में ऊंट और घोड़े की सवारी का भी लुत्फ उठाया।
हां असी सिंधी आयो… पर रॉक स्टॉर कमलेश कपूर संग झूमें दर्शकसंगीत के सात सुरों संग मुम्बई से आए रॉक स्टॉर कमलेश कपूर की सुरीली आवाज का जादू बिखरा तो मेले में मौजूद हर दर्शक मंच की ओर खिंचा चला आया। कमलेश कपूर के गीतों में भगवान झूलेलाल की भक्ति के साथ सिंधीयत की महक भी बिखर रही थी। मंच पर आते ही तालियों की गड़गड़ाहट हर ओर गूंजने लगी। दोनों हाथ ऊपर उठाए झूमते दर्शक भक्ति की मस्ती में डूबे नजर आए। कोई कमलेश कपूर के साथ आवाज से आवाज मिलाता नजर या तो कोई गीतों पर थिरकता हुआ। हां असी सिंधी आयो…, बाह में घड़ी राड़ो आ…, जयखे झूलण जो मिल्यो प्यार, उहो हथ मथे करे… गीत के साथ भगवान झूलेलाल के भजनों का दर्शकों ने खूब आनन्द लिया।
जब अमिताभ बच्चन संग नाचे दर्शक…
मेले में पहुंचे सिंधी समाज के लोगों ने अमिताभ बच्चन संग खूब डांस किया। शहंशाह के गाने अंधेरी रातों में सुनसान राहों पर… के साथ जैसे ही अभिताभ बच्चन (जूनियर अमिताभ राजकुमार भगत्यानी) की एंट्री हुई, सीटियों और तालियों की गड़गड़ाहट से मेला परिसर गूंजने लगा। कई लोग जूनियर अमिताभ को असली अमिताभ समझ अचम्भित हो गए। जूनियर अमिताभ ने मायो नचो दमा दम, चई करे झूलेलाल… सिंधी गीत के साथ कजरारे कजरारे मेरे कारे कारे नैना…, व बच्चों संग मैडली पर मस्ती और उमंग के साथ मेले को संगीत व कला से रंगों से सजा दिया। हर कोई जूनियर अभिताभ बच्चन संग सेल्फी और पोटो लेने के लिए उत्साहित था।