हाथरसलीक्स…सनसनीखेज, बर्खास्त सिपाही ने खुद को मृत घोषित करने के लिए एक भिखारी को जिंदा जला दिया. जेल जाने से बचने के लिए रची मौत की झूठी कहानी….ऐसे खुला सच हैरान रह जाएंगे
आगरा से सटे हाथरस जिले में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. यहां जेल जाने से बचने के लिए हत्या के आरोपी बर्खास्त सिपाही रामवीर सिंह ने अपनी ही कद काठी जैसे एक व्यक्ति को जिंदा जला कर मार डाला. मौत की ऐसी झूठी कहानी रची कि जिस पर सभी को यकीन हो जाए. उसने जिंदा जलाए गए व्यक्ति के पास अपना आधार कार्ड, मोबाइल और अन्य डॉक्युमेंट उसके पास रख दिया. व्यक्ति को जिंदा जलाते समय आरोपी सिपाही भी बुरी तरह झुलस गया और वह दो दिन तक चोरी छुपे जिला अस्पताल अपना इलाज भी कराता रहा. लेकिन हालत बिगड़ने पर से सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया. उधर जली लाश मिलने और अधजले आधार कार्ड को देखते हुए पुलिस ने भी पहले सिपाही को मृत मान लिया. बर्खास्त सिपाही एक हत्या के मामले में फरार चल रहा था.ऐसे खुला मामला
पुलिस ने पहले तो व्यक्ति को ही बर्खास्त सिपाही माना लेकिन शक तब हुआ जब रेलवे स्टेशन पर दिखने वाला एक भिखारी अचानक से लापता हो गया. वह भिाखारी प्लेटफार्म पर ही रहता था. इस पर पुलिस को संदेह हुआ. इसी दौरान पुलिस के पास सूचना मिली कि जिला अस्पताल में सिपाही के नाम के गंभीर रूप से झुलसा एक व्यक्ति भर्ती हुआ था और उसे सैफई रेफर किया गया है. इस पर पुलिस का शक और गहरा गया. पुलिस ने सिपाही के गांव जाकर जांच की तो पता चला कि परिवार का कोई व्यक्ति सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती है और उसका वहां इलाज चल रहा है. इस पर पुलिस ने पूरी पड़ताल की तो पता चला कि बर्खास्त सिपाही जिंदा है और मरने वाला रेलवे स्टेशन के आसपास एरिया में दिखने वाला भिखारी है.
पुलिस ने मृत भिखारी का अंतिम संस्कार किया और भर्ती बर्खास्त सिपाही पर चुपचाप नजर रखना शुरू कर दिया. एक महीना बाद जब उसे मेडिकल कॉलेज से डिस्चार्ज किया गया तो पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया और हाथरस ले आई. जीआरपी इंस्पेक्टर ने बताया कि पूछताछ में आरोपी बर्खास्त सिपाही ने अपना जुर्म कबूल किया. वह भिखारी को जलाकर खुद को मृत घोषित करना चाहता था.
बर्खास्त सिपाही पर है हत्या समेत 13 मुकदमे
पुलिस ने बताया कि रामवीर सिंह यूपी पुलिस का सिपाही था लेकिन आपराधिक प्रवृत्ति की वजह से उसे बर्खास्त कर दिया गया था. उस पर हत्या समेत 13 मुकदमे थे. बर्खास्तगी के बाद से वह फरार चल रहा था. पुलिस को उसकी तलाश थी. जेल जाने से बचने के लिए सिपाही ने 12 मार्च को हाथरस प्लेटफार्म पर अपनी ही कदमाठी वाला सो रहे एक भिखारी पर केरोसिन तेल डाल दिया और उसे जिंदा जला दिया. पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने अधजला आधार कार्ड, जला हुआ मोबाइल वहीं छोड़ दिया.