आगरालीक्स…आधुनिक तकनीक के युग में भी मजबूत क्लिनिकल परीक्षण ही सही निदान की आधारशिला है..आईएमए आगरा की सीएमई में स्टेथोस्कोप टू रोबोटिक्स पर डॉक्टरों ने रखे अपने विचार…
आईएमए आगरा की ओर से रविवार को प्री डॉक्टर्स डे पर सीएमई का आयोजन होटल होलीडे इन में किया गया. इसमें स्टोथोस्कोप टू रोबोटिक थीम पर डॉक्टरों ने अपने विचार रखे. मुख्य अतिथि डॉ. कपिल त्यागी ने चिकित्सकीय यात्रा, संघर्ष, समर्पण एवं निरंतर नवाचार के अनुभव साझा किए. उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में सफलता केवल तकनीकी दक्षता से नहीं, बल्कि ईमानदारी, मानवीय संवेदनाओं, सतत सीखने की प्रवृत्ति और रोगी-केंद्रित सेवा से प्राप्त होती है. उनका प्रेरक उद्बोधन उपस्थित चिकित्सकों, विशेषकर युवा डॉक्टरों के लिए अत्यंत प्रेरणास्पद रहा. मुख्य चिकित्सा अधिकारी अरुण श्रीवास्तव के साथ आईएमए यूपी की उपाध्यक्ष डॉ. वाणी पुरी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. एसपीएस चौहान तथा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. वाईबी अग्रवाल उपस्थित रहे.
इन डॉक्टरों ने रखे अपने विचार
डॉ. राकेश भाटिया ने कहा कि आधुनिक तकनीक के युग में भी मजबूत क्लिनिकल परीक्षण ही सही निदान की आधारशिला है। डॉ. सुनील बंसल ने Red Flags in Clinical Medicine पर चर्चा करते हुए गंभीर रोगी की समय रहते पहचान एवं शीघ्र हस्तक्षेप के महत्व को रेखांकित किया। डॉ. रजनीश कुमार मिश्रा ने Communication Skills: The Most Powerful Drug We Prescribe विषय पर बताया कि प्रभावी संवाद न केवल उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है बल्कि चिकित्सक-रोगी विश्वास एवं मेडिको-लीगल सुरक्षा का भी आधार है। डॉ. दिप्तिमाला अग्रवाल ने MDR: The Silent Pandemic of Modern Medicine पर एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की बढ़ती चुनौती एवं एंटीबायोटिक स्टूअर्डशिप की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। डॉ. प्रांजल गुप्ता ने Closed Loop Anaesthesia के माध्यम से भविष्य की सुरक्षित एवं स्मार्ट एनेस्थीसिया तकनीकों की जानकारी दी। डॉ. प्रभात अग्रवाल ने GLP-1 Agonists की वर्तमान भूमिका एवं मोटापा तथा मधुमेह प्रबंधन में उनकी उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी दी।
डॉ. वरुण अग्रवाल ने Precision Oncology में व्यक्तिगत उपचार (Personalized Medicine) की नई संभावनाओं पर प्रकाश डाला। डॉ. सुरेश खुशवाहा ने IV Fluid Therapy के व्यावहारिक एवं साक्ष्य-आधारित उपयोग के महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। PCPNDT पैनल चर्चा में चिकित्सकों की जिज्ञासाओं एवं अधिनियम के व्यावहारिक पक्षों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। डॉ. मयंक जैन ने Clinical Practice में Artificial Intelligence की भूमिका तथा चिकित्सकों के लिए इसकी उपयोगिता पर चर्चा की। डॉ. स्वाति द्विवेदी ने Newborn Screening के माध्यम से जन्मजात रोगों की शीघ्र पहचान के महत्व को समझाया। डॉ. रणवीर सिंह त्यागी ने Cardiac Arrest in Pregnancy जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में समयबद्ध एवं समन्वित उपचार की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. मेघल गोयल ने Robotic Joint Replacement को भविष्य की सटीक एवं उन्नत सर्जिकल तकनीक बताया। डॉ. श्वेतांक प्रकाश ने Robotic Surgery के वर्तमान एवं भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी।
आईएमए आगरा के अध्यक्ष डॉ. पंकज नगायच ने कहा कि यह CME केवल वैज्ञानिक ज्ञान का मंच नहीं, बल्कि चिकित्सा जगत को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने सभी वक्ताओं, प्रतिनिधियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। आईएमए आगरा के मानद सचिव डॉ. रजनीश कुमार मिश्रा ने कार्यक्रम की सफलता का श्रेय सभी वक्ताओं, चेयरपर्सन्स, पैनलिस्ट्स, आयोजन समिति, IMA Agra की कार्यकारिणी, वैज्ञानिक समिति, सहयोगी संस्थाओं एवं सभी प्रतिभागियों को दिया। उन्होंने कहा कि IMA Agra भविष्य में भी ऐसे उच्च स्तरीय शैक्षणिक कार्यक्रमों के माध्यम से चिकित्सकों के ज्ञान, कौशल एवं जनसेवा को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।