आगरालीक्स Agra News: आगरा के डीपीएस में 10 वीं के छात्र के साथी छात्र के पंच मारने से दांत और जबड़ा टूटने पर मुकदमा दर्ज, जानें किस धारा में दर्ज किया गया मुकदमा। ( Agra Live News: FIR Lodge in DPS, Agra 10th Student clash case )
आगरा के डीपीएस में जयपुर हाउस के रहने वाले मोबाइल कारोबारी का बेटा कक्षा 10 वीं का छात्र है। शनिवार यानी 25 अप्रैल की सुबह डीपीएस स्कूल में 10 वीं छात्रों में मारपीट हो गई, इससे मोबाइल कारोबारी के बेटे के दांत टूट गए। कारोबारी का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने सुबह 7 बजे फोन कर बताया कि स्कूल आ जाइए, आपके बच्चे के चोट लगी है, कारोबारी मामूली चोट समझते हुए स्कूल पहुंचे तो वहां उनके बेटे के मुंह से खून निकल रहा था और वह अकेला बैठा हुआ था। आरोप है कि करीब एक घंटे तक उनका बेटा दर्द से कराहता रहा स्कूल प्रबंधन ने इलाज नहीं कराया। प्रिंसिपल भी उनसे नहीं मिली।
जांच समिति गठित करने के साथ सीसीटीवी तलब
इस मामले में सोमवार को पीड़ित छात्र के पिता डीएम मनीष बंसल ने मिले, उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। डीएम मनीष बंसल ने इस पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्कूल की सीसीटीवी रिकॉडिंग भी तलब की है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
इस मामले में 10 वीं के छात्र के पिता मोबाइल कारोबारी की तहरीर पर मारपीट करने के आरोप में कक्षा 10 वीं के छात्र के खिलाफ थाना सिकंदरा में बीएनएस की धारा 115 (2) और 117 (2) में मुकदमा दर्ज किया गया।
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 117(2) स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाने से से संबंधित है। इसमें यदि कोई व्यक्ति किसी को जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाता है (जैसे हड्डी तोड़ना, अंग भंग करना), तो उसे 7 साल तक की जेल और जुर्माने की सजा हो सकती है। यह एक संज्ञेय अपराध है, जिसमें पुलिस बिना वारंट गिरफ्तार कर सकती है।
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2) स्वेच्छा से चोट पहुंचाने से संबंधित है। इस धारा के तहत, यदि कोई व्यक्ति किसी को जानबूझकर चोट पहुंचाता है, तो उसे 1 साल तक की जेल, 10 हजार रुपये तक का जुर्माना, या दोनों की सजा हो सकती है।
आरोप बेटे ने लिखकर बताया मुझे कई पंच मारे और मैं बेसुध हो गया
तहरीर में कहा है कि मेरा बेटा डीपीएस शास्त्रीपुरम का 10 वीं का छात्र है, 25 अप्रैल को बेटा स्कूल गया था मुझे सूचना मिली कि 10 वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने गंभीर रूप से मारा है। जिससे मेरे बच्चे के तीन दांत जड़ से अलग हो गए और उसके जबड़े में फ्रैक्चर है। बेटे को बोलने में भी काफी दिक्कत हो रही है। वह मनोवैज्ञानिक रूप से संतुलित नहीं है। बेटे का उपचार यथार्थ हॉस्पिटल में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार बेटा तीन महीने तक कुछा भी खा नहीं सकता है। जिसके कारण उसकी शिक्षा और भविष्य दोनों खतरे में है। मेरे बच्चे ने मुझे लिखकर बताया है कि मुझे कई पंच मारे और मैं बेसुध हो गया। मेरा बच्चा स्कूल जाने से डर रहा है।