आगरालीक्स…आगरा में चार दिन पहले लिए किराये के मकान में बनाई जा रही थी ओजी गांजे की पुड़िया..सामान्य गांजा से कई गुना खतरनाक. अमेरिका से आर्डर पर मंगाया था, होटल—रेस्तरां में होती थी बिक्री, चार अरेस्ट
एसटीएफ की आगरा यूनिट ने थाना सिकंदरा क्षेत्र की शिवपुरी कॉलोनी में एक किराये के मकान से मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले चार तस्करों को अरेस्ट किया है. इसमें महिला नन्हीं देवी, उसके दो बेटे जितेंद्र और प्रेम कुमार और एक अन्य बबलू शामिल है. एसटीएफ ने इनके पास से 1.22 करोड़ रुपये से अधिक का औजी गांजा और एमडीएमए ड्रग्स बरामद की है. पकड़े गए आरोपी इस गांजे की पुड़िया बनाकर मथुरा—आगरा सहित कई जिलों में औजी गांजे की बिक्री होटल और रेस्तरां में करते थे. एक पुड़िया की कीमत 8 हजार रुपये तक होती थी, जिसमें 3.5 ग्राम औजी गांजा होता था. गिरोह का सरगना दिल्ली का रहने वाला कुशाग्र है जो कि थाईलैंड में छुपा है.अमेरिका से आ रही थी खेप
बरामद किया गया औजी गांजा अमेरिका के कैलिफोर्निया से आ रहा था. भारत में इसकी तस्करी कोरियर के माध्यम से की जा रही थी और इसे दिल्ली पहुंचाया जा रहा था. पूछताछ में सामने आया है कि दिल्ली का रहने वाला मुख्य आरोपी कुशाग्र इस समय थाईलैंड में है और इस गिरोह के सदस्य दिल्ली व आसपास हैं जो कि यूपी, रजास्थान, एमपी सहित अन्य राज्यों में गांजा बेचने वालों से आर्डर लेते हैं. इसके बाद कुशाग्र व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए कैलीफोर्निया से संपर्क करता है. कोरियर के माध्यम से आर्डर छोटे पैकेट में दिल्ली तक पहुंच जाता है और इसके बाद उसे छोटी पुड़िया बनाकर बेचा जाता है. जो लोग खरीदार होते हैं, उन्हें एक स्थान बता दिया जाता है और यहीं पर गांजे को रखवा देते हैं. वो लोग माल लेकर पैसे वहीं रखकर चले जाते हैं और उनसे मिलने कोई नहीं आता है. सिर्फ व्हाटसएप कॉल पर बात होती है.
एसटीएफ के एसपी राकेश कुमार ने बताया कि सिकंदरा स्थित शिवपुरी कॉलोनी में गांजे की खेप आने की सूचना मिली थी. बुधवार रात को एक मकान पर छापा मारा जिसमें महिला नन्हीं देवी सहित चार को पकड़ा. नन्हीं देवी के बेटे जितेंद्र ने एसटीएफ की पूछताछ में बताया कि उसकी मां नन्हीं देवी वृंदावन में तकरीबन चार साल से गांजा बेचने का काम कर रही थी. वह पानीपत और दिल्ली से गांजा लेकर आती थी. अब गांजा लाने का काम वह कर रहा था. इसके बाद पुड़िया बनाकर बिक्री करते थे. इस काम में जितेंद्र की बहन का पति सौरभ भी शामिल था लेकिन सौरभ की एक्सीडेंट में मौत हो गई. इसके बाद जितेंद्र ने अपने भाई प्रेम कुमार और पड़ोसी बबलू को शामिल कर लिया.
चार दिन पहले किराये पर लिया मकान
एसटीएफ के अनुसार पकड़े गए सभी आरोपी वृंदावन मथुरा के रहने वाले हैं और इन्होंने चार दिन पहले ही शिवपुरी कॉलोनी में रहने वाले नवीन गौतम का मकान किराये पर लिया था. जितेंद्र और बबलू शर्मा दिल्ली से कुशाग्र नाम के तस्कर से गांजा और एमडीएमए ड्रग्स लेकर आए थे और इसे बचने के लिए यहां पुड़िया तैयार कर रहे थे. पैकिंग में इसका वजन 3.5 ग्राम होता है जिसे यह सात से 8 हजार रुपये में ग्राहकों को बेच देते हैं.
ओजी गांजा विदेशी और हाइब्रिड मारिजुआना की अत्यधिक महंगी प्रजाति है, जिसे आधुनिक तकनीकों के माध्यम से नियंत्रित वातावरण में उगाया जाता है. सामान्य गांजे की तुलना में इसमें टेट्राहाइड्रोकैनाबिनोल की मात्रा बहुत अधिक होती है जिसके कारण यह अधिक नशीला होता है. भारत में यह नहीं पाया जाता है.