आगरालीक्स…आगरा और अलीगढ़ मंडल में बनेंगे सर्जिकल प्रैक्टिस के लिए सेंटर आफ एक्सीलेंस. एंटी रेबीज, एंटी स्नेक वेनम समेत आवश्यक दवाएं यहां होंगी. कैंसर की जांच के लिए बढ़ेंगी स्क्रीनिंग
आगरा और अलीगढ़ मंडल में सर्जिकल प्रैक्टिस के लिए सेंटर आफ एक्सीलेंस सेंटर का निर्माण किया जाएगा. खास बात ये है कि इन दोनों ही सेंटर में ऐंटी रेबीज एवं एंटी स्नेक वेनम समेत सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता होगी. यह सेंटर एसएन मेडिकल कॉलेज के सहयोग से बनाए जाएंगे. वहीं कैंसर की पहचान, उपचार एवं रोकथाम हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है. इसके लिए स्क्रीनिंग की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. बुधवार को इसकी जानकारी मंडलायुक्त कार्यालय पर अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवाण कल्याण अमित कुमार घोष ने वर्चुअल माध्यम से दी.
अपर मुख्य सचिव ने बैठक में एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा से सहयोग प्राप्त करते हुए आगरा एवं अलीगढ़ मण्डलों में एक-एक स्थान पर सर्जिकल प्रैक्टिसेज हेतु सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि दोनों मण्डलों में ऐंटी रेबीज एवं एंटी स्नेक वेनम समेत सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. कैंसर की पहचान, उपचार एवं रोकथाम हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है. इसके लिए स्क्रीनिंग की संख्या बढ़ाई जाए.
खसरे को लेकर चलेगा विशेष अभियान
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि बच्चों में खसरे के संक्रमण की रोकथाम हेतु बृहद एवं लक्षित अभियान संचालित किए जाएं. उन्होंने ड्यूटी अवधि के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा पद के अनुरूप निर्धारित ड्रेस कोड का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित कराने तथा स्वास्थ्य इकाइयों में मानक के अनुसार एम्बुलेंस की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
इस अवसर पर मिशन निदेशक आईएएस डॉ. पिंकी जोवल ने आमजन को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु कार्यरत मानव संसाधन की दक्षता, गुणवत्ता एवं प्रदर्शन में एकरूपता सुनिश्चित करने पर जोर दिया. मिशन निदेशक ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित किए जाने हेतु स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्राम प्रधानों को आमंत्रित किया जाए एवं पीएएस पर जागरूकता हेतु आईईसी सामग्री को प्रसारित करते हुए मेले को परिणामोन्मुखी बनाया जाए. उल्लेखनीय है कि समीक्षा बैठक से पूर्व 17 से 19 जनवरी 2026 के दौरान आगरा एवं अलीगढ़ मण्डलों की विभिन्न स्तरीय कुल 1570 स्वास्थ्य इकाइयों का व्यापक स्थलीय पर्यवेक्षण किया गया. इस दौरान आवश्यक औषधियों की उपलब्धता, पेयजल एवं स्वच्छता, चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, मानव संसाधन की स्थिति, तीमारदारों हेतु सुविधाएं तथा प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों-जैसे मातृ-शिशु स्वास्थ्य, संचारी एवं गैर-संचारी रोग, टीकाकरण आदि की प्रगति का आकलन किया गया.
महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, डॉ. रतन पाल सिंह सुमन ने स्वास्थ्य इकाइयों की सतत एवं प्रभावी निगरानी पर जोर देते हुए निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों से नियमित संवाद स्थापित कर स्वास्थ्य इकाइयों का निरंतर अनुश्रवण करें, जिससे प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापरक एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें.
ये रहे उपस्थित
समीक्षा बैठक में डॉ0 रतन पाल सिंह सुमन महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश, डॉ0 पवन कुमार अरूण, महानिदेशक, परिवार कल्याण, डॉ0 एच0डी0 अग्रवाल, महानिदेशक, प्रशिक्षण, धीरेन्द्र सिंह सचान, अपर मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उ0प्र0, श्री अरविंद मल्लप्पा बंगारी, आई0ए0एस0, जिलाधिकारी, आगरा सहित दोनों मण्डलों के मण्डलीय अपर निदेशक, संबंधित जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक/अधीक्षिका, जिला पुरूष/महिला/संयुक्त चिकित्सालय एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उ0प्र0 अंतर्गत विभिन्न अनुभागों के महाप्रबंधक एवं उपमहाप्रबंधक उपस्थित रहे।