आगरालीक्स…क्या शादियों में खत्म हो रहा सोने—चांदी के गहनों का व्यवहार. सोने—चांदी की कीमतों को देखकर न कोई ज्वैलरी गिफ्ट में ले रहा और न कोई ज्वैलरी गिफ्ट दे रहा…कैश ही सबसे बेस्ट
सोने और चांदी की आसमान छूती कीमतों ने लोगों के होश उड़ा दिए हैं. खासकर शादियों में इसका काफी असर देखा जा रहा है. चांदी जहां 3.5 लाख से अधिक पहुंच गई है तो वहीं सोना भी 1.60 लाख से अधिक कीमत पर जा पहुंचा है. ऐसे में लोगों के लिए सोना—चांदी खरीदना आसान नहीं रहा है. कई परिवारों के लिए तो यह पहुंच से दूर हो गया है, ऐसे में इन लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि शादी बिना गहनों के कैसे होगी.
सोने—चांदी का व्यवहार भी हो रहा खत्म
भारतीय विवाह परंपराओं में शादी में गिफ्ट देने का प्रचलन भी है. सोने—चांदी की बढ़ती कीमतों का असर ये है कि अब शादियों में ज्वैलरी गिफ्ट जैसे चांदी की पायल, सोने की अंगूठी, चांदी की बिछुए आदि का आदान—प्रदान यानी व्यवहार भी खत्म हो रहा है. न तो कोई सोने चांदी का गिफ्ट लेना चाह रहा है और न ही सोने चांदी का गिफ्ट कोई देना चाह रहा है. इसका बढ़ा कारण ये है कि अगर सोने चांदी का गिफ्ट कोई लेता है तो उसे बाद में उसी तरह का गिफ्ट भी वापस देना होगा. ऐसे में लोग अब गिफ्ट के रूप में अन्य कोई सामान या कैश को ही तवज्जो दे रहे हैं.
शादियों का भी बिगड़ा बजट
बिटिया की शादी है तो सोना खरीदना है…ये हर माता पिता की चाहत होती है और यही भारतीय परंपरा भी है. इसका एक बड़ा कारण ये है कि कि शादी में मिले सोने—चांदी को संजोकर रखा जाता है जो कि एक पूरी तरह से सुरक्षित निवेश भी है. पंरपरा के अनुसार दुल्हन को विवाह के समय सोने के गहने देना न सिर्फ उसकी सुंदरता को बढ़ाने के लिए होता है, बल्कि यह उसके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का भी संकेत होता है. लेकिन मौजूदा समय में सोने चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं जिसके कारण शादियों का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है. बढ़ती कीमतों ने उन परिवारों को सोचने पर मजबूर कर दिया है, जिनके यहां इस साल शादी है.