आगरालीक्स…आगरा में आईएसबीटी से सिकंदरा मेट्रो स्टेशन तक के कॉन्कोर्स तल का परिनिर्माण पूरा. हाइवे पर जल्द दौड़ती दिखेगी मेट्रो…
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा प्रथम कॉरिडोर के शेष एलिवेटेड भाग (आईएसबीटी से सिकंदरा) में सिकंदरा मेट्रो स्टेशन के कॉन्कोर्स तल का निर्माण पूरा हो गया है। बता दें कि गुरु का ताल एवं सिकंदरा मेट्रो स्टेशन का निर्माण सिंगल पिलर तकनीक के जरिए किया जा रहा है। इसके साथ ही इस भाग में सभी पियर बनकर तैयार हो चुके हैं एवं यू गर्डर की कास्टिंग का काम भी पूरा हो चुका है।
पारंपरिक गर्डर के ऊपर यू गर्डर के फायदे
यू-गर्डर के प्रयोग से न सिर्फ समय की बचत होती है बल्कि निर्माण लागत में भी कमी आती है।
यह यू गर्डर पारंपरिक तौर पर प्रयोग होने वाले बॉक्स गर्डर की तुलना में ज्यादा प्रभावी एवं उपयोगी है। अंग्रेजी अक्षर ‘यू’ जैसा आकार होने के कारण इसके दोनों छोर पर अधिक जगह मिलती है, जिससे यहां आसानी से सिग्नलिंग उपकरण लगाये जा सकते हैं।
प्रीकास्ट तकनीक के जरिए कास्टिंग यार्ड में यू-गर्डर का निर्माण किया जाता है। इसके बाद ट्रक के जरिए यू- गर्डर को साइट पर ले जाकर क्रेन की मदद से दो पिलर्स के बीच में रखा जाता है। इस तकनीक के जरिए निर्माण स्थल के आसपास राहगीरों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।

स्टेशन निर्माण के लिए डबल टी गर्डर एवं पाई गर्डर
सामान्यतः शटरिंग एवं लेंटर के ज़रिए स्टेशन का निर्माण किया जाता है। जबकि आगरा मेट्रो स्टेशनों का निर्माण डबल टी गर्डर एवं पाई गर्डर (गणित में पाई सिंबल जैसे दिखने वाले गर्डर) के द्वारा किया जाता है, जिससे स्टेशन कनकोर्स निर्माण कम समय में हो सके एवं नीचे ट्रैफिक पर कम से कम असर हो।
आईएसबीटी से सिकंदरा के बीच बन रहे कॉरिडोर में लगभग 272 यू गर्डर का प्रयोग किया जाना है। अबतक लगभग 230 यू गर्डर्स का परिनिर्माण (इरेक्शन) सफलतापूर्वक किया जा चुका है। इसके साथ ही इस भाग में कुल 52 आई गर्डर में 36 एवं 131 में से 121 पियरकैप का परिनिर्माण पूरा कर लिया गया है।
गौरतलब है कि ताजनगरी आगरा में 29.4 कि.मी. लंबे दो कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें कुल 27 स्टेशन हैं। 14 कि.मी. लंबे प्रथम कॉरिडोर का निर्माण ताज ईस्ट गेट से सिकंदरा के बीच किया जा रहा है। इस कॉरिडोर में 13 स्टेशनों है, जिसमें 6 एलीवेटिड जबकि 7 भूमिगत स्टेशन हैं। इस कॉरिडोर में 6 कि. मी. लंबे प्रायोरिटी सैक्शन में सफलतापूर्वक मेट्रो का संचालन किया जा रहा है। वहीं, आगरा कैंट से कालिंदी विहार के मध्य लगभग 16 कि.मी. लंबे दूसरे कॉरिडोर में 14 एलिवेटेड स्टेशनों का निर्माण कार्य किया जा रहा है।