आगरालीक्स…आगरा के पुष्पांजलि सुपरस्पेशियलिटी में दो माह के शिशु के पेट सफलतापूर्वक निकाला बड़ा ट्यूमर. पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. राहुल देव शर्मा और उनकी टीम ने की जटिल सर्जरी
पुष्पाँजलि सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, आगरा में दो महीने की बच्ची के जन्मजात पेट के बड़े ट्यूमर का सफलतापूर्वक शल्य-उपचार किया गया। चिकित्सकों के अनुसार, लगभग 1.5–2 किलोग्राम वज़न वाले इस ट्यूमर को इतनी कम उम्र के शिशु में सुरक्षित रूप से निकालना एक अत्यंत जटिल और विशेषज्ञता-आधारित प्रक्रिया थी, जिसे प्रसिद्ध पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. राहुल देव शर्मा के नेतृत्व में सम्पन्न किया गया।

बच्ची का ट्यूमर जन्म से मौजूद था और दिन-प्रतिदिन आकार में बढ़ रहा था। परिजनों को इस स्थिति की गंभीरता का कोई पूर्व अनुमान नहीं था। शिशु में लगातार पेट फूलने, दूध न पी पाने, बार-बार चिड़चिड़ापन और मल त्याग में कठिनाई जैसे लक्षण बढ़ने लगे, जिसके बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर आए।
अस्पताल में की गई जांचों—अल्ट्रासाउंड तथा अन्य इमेजिंग—से पता चला कि बड़ा ट्यूमर पेट के भीतर कई महत्त्वपूर्ण अंगों और प्रमुख रक्त वाहिनियों पर दबाव डाल रहा था, जिससे उसकी स्थिति और गंभीर हो गई थी। टीम ने विस्तृत चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद ऑपरेशन का निर्णय लिया। शिशु को पहले एनीमिया सुधार, द्रव प्रबंधन और लगातार मॉनिटरिंग के साथ स्थिर किया गया। उपयुक्त स्थिति प्राप्त होने के बाद, डॉ. राहुल देव शर्मा एवं उनकी विशेषज्ञ शल्य टीम ने सर्जरी की।
अस्पताल के अनुसार, शल्य प्रक्रिया के दौरान ट्यूमर को आसपास की संरचनाओं को नुकसान पहुँचाए बिना सुरक्षित रूप से अलग कर निकाल लिया गया। पूरी प्रक्रिया बिना किसी जटिलता के सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। शिशु को तत्पश्चात एनआईसीयू में निगरानी हेतु भर्ती किया गया, जहाँ उसकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार सुधरती रही। अस्पताल ने बताया कि बच्ची अब सामान्य रूप से दूध ले रही है, वजन में सुधार हो रहा है और सभी जीवनचिह्न स्थिर हैं। अनुवर्ती जांचों में भी उसकी स्थिति संतोषजनक पाई गई है।

विशेषज्ञों ने परिजनों को सचेत करते हुए कहा कि जन्म के बाद शिशुओं में लगातार पेट फूलना, भोजन न लेना, वजन न बढ़ना, अत्यधिक रोना या मल त्याग में कठिनाई जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। कई बार ये संकेत किसी गंभीर अंतर्निहित रोग के हो सकते हैं, जिनके लिए समय पर जांच और उपचार अत्यंत आवश्यक होता है। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि अनुभवी चिकित्सकों और उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता से जटिल बाल-शल्य मामलों में भी उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।