आगरालीक्स…आगरा के विवि में शैक्षणिक सत्र 2025—26 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू. डिजिटल पारदर्शिता के साथ होगी प्रवेश प्रक्रिया. कुलपति ने कहा—इस बार योग दिवस पर बनेगा विश्व कीर्तिमान
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2025-26 की प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है. विश्वविद्यालय इस वर्ष ‘समर्थ पोर्टल’ के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन संचालित कर रहा है. कुलपति प्रो आशु रानी की अध्यक्षता मेँ जनसम्पर्क अधिकारी पूजा सक्सेना ने गुरुवार को प्रेस वार्ता का आयोजन किया जिसमें ये जानकारी दीं गईं. इस अवसर पर कुलसचिव श्री अजय मिश्रा तथा परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओम प्रकाश उपस्थित रहे और व्यवस्था के साथ सफलता आयोजन असिस्टेंट जनसम्पर्क अधिकारी संदीप शर्मा और तरुण श्रीवास्तव ने की.प्रवेश प्रक्रिया में डिजिटल पारदर्शिता और सुविधा
कुलपति प्रो. आशु रानी ने बताया कि इस बार विद्यार्थी स्वयं समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण कर पाठ्यक्रम का चयन करेंगे, तत्पश्चात विभागीय काउंसलिंग के माध्यम से प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. विद्यार्थियों के सुविधा हेतु नोडल केंद्रों पर एडमिन द्वारा डाटा संशोधन की व्यवस्था की गई है. साथ ही लॉगइन आईडी पर स्वयं भी सीमित संशोधन संभव होगा. अंतिम तिथि घोषित होते ही सीट लॉकिंग और एडमिट लिंक की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. विश्वविद्यालय प्रथम सत्र की परीक्षा भी इसी पोर्टल के माध्यम से कराएगा.
योग दिवस पर प्रदेश स्तर का ऐतिहासिक आयोजन
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है. प्रदेश स्तर पर 50,000 लोगों द्वारा एकसाथ सूर्यनमस्कार कर विश्व कीर्तिमान स्थापित करने में विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. यह कार्यक्रम पालीवाल पार्क व छलेसर परिसर सहित विभिन्न महाविद्यालयों में आयोजित किया जाएगा. इस अवसर पर 11 विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई जा रही है, जिनमें स्वामी विवेकानंद खंदारी परिसर में योग वाटिका और मियाबाकी गार्डन का निर्माण भी शामिल है. 18 जून को जुबली हॉल में केएमआई द्वारा अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न देशों के योगाचार्य प्रतिभाग करेंगे. साथ ही योग रैली और जन-जागरूकता कार्यक्रम भी होंगे.
शैक्षणिक विस्तार और नवीन पाठ्यक्रम
विश्वविद्यालय ने इस वर्ष डायटिशियन पाठ्यक्रम प्रारंभ किया है. इसके साथ ही इंटीग्रेटेड बीए-बीएड, बीएससी-बीएड और बीकॉम-बीएड पाठ्यक्रमों की शुरुआत की तैयारी की जा रही है, जिसके लिए एनसीईटी को पत्र प्रेषित किया गया है. साथ ही बीए-एलएलबी और एलएलबी पाठ्यक्रमों की शुरुआत हेतु बार काउंसिल ऑफ इंडिया से अनुमोदन की प्रक्रिया भी चल रही है. वर्तमान में विश्वविद्यालय एलएलएम पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है.
नकलविहीन परीक्षा हेतु नई नियमावली
विश्वविद्यालय मुख्य परीक्षाओं को नकलविहीन एवं निष्पक्ष बनाने के लिए नई नियमावली लागू करने जा रहा है. इस नियमावली को परीक्षा समिति एवं अकादमिक परिषद से अनुमोदित कराया जाएगा. अन्य विश्वविद्यालयों के नियमों का अध्ययन कर यह नियमावली तैयार की जा रही है. नई नियमावली के तहत, विद्यार्थियों, शिक्षकों, कॉलेजों एवं संस्थानों के विरुद्ध साक्ष्य आधारित सख्त कार्रवाई की जाएगी। गंभीर आरोपों पर कठोरतम दंड का प्रावधान होगा. नकल के आरोपित कॉलेजों को दो से तीन वर्षों के लिए परीक्षा केंद्र के रूप में डिबार किया जाएगा. वर्तमान में 16 कॉलेजों की जांच जारी है.
कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा, योग और अनुशासन के क्षेत्र में लगातार नवाचारों के माध्यम से उत्कृष्टता की ओर अग्रसर है. डिजिटल प्रवेश प्रणाली, योग की वैश्विक सहभागिता और नकलविहीन परीक्षा प्रणाली इस दिशा में प्रमुख कदम हैं. विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्र-हित, पारदर्शिता और गुणवत्ता की दृष्टि से एक आदर्श शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है.