आगरालीक्स…आगरा के एसएन में मरीज की हुई एडवांस्ड शेल्डर आर्थोस्कोपी. सर्जन डॉ. रजत कपूर व टीम ने मरीज को दिलाई दर्द से राहत
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के हड्डी एवं जोड़ रोग विभाग में मरीज की सफल एडवांस्ड शोल्डर आर्थ्रोस्कोपी की गई. विभाग के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. रजत सर्व कपूर एवम टीम ने इस सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया जिसमें विभागाध्यक्ष डॉ अमृत गोयल का भी सहयोग रहा। एसएनएमसी के प्राचार्य डॉ प्रशांत गुप्ता ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के आर्थोपेडिक्स विभाग में आर्थ्रोस्कोपिक रोटेटर कफ रिपेयर सहित अन्य अत्याधुनिक कीहोल कंधा शल्यक्रियाएं उपलब्ध हैं, जिससे आगरा एवं आसपास के मरीजों को अत्यंत लाभ होगा।
सर्जन डॉ.. रजत कपूर ने विस्तार से बताया-कि रोटेटर कफ टियर क्या है:कंधे के जोड़ को स्थिर रखने वाली 4 मांसपेशियों (Supraspinatus, Infraspinatus, Teres Minor, Subscapularis) के टेंडन्स के फटने को रोटेटर कफ टियर कहा जाता है।”
मुख्य कारण:
उम्र बढ़ने से टेंडन का कमजोर होना
गिरने या झटका लगने से चोट
बार-बार ऊपर की ओर काम करना (जैसे पेंटर, खिलाड़ी आदि)
खराब पोस्चर या रक्त प्रवाह की कमी।
किसे ज्यादा होता है:
40 वर्ष से अधिक उम्र, डायबिटीज़ या धूम्रपान करने वाले, और वे लोग जिनका काम या खेल कंधे पर जोर डालता है।
लक्षण:
कंधे में दर्द (खासतौर पर रात में या हाथ उठाने पर)
कमजोरी और मूवमेंट में कठिनाई
क्लिक या कट-कट की आवाज।
निदान: डॉक्टर की जांच, MRI या Ultrasound से पुष्टि।
उपचार: हल्के मामलों में: आराम, फिजियोथेरेपी, दवा, इंजेक्शन
गंभीर मामलों में: आर्थ्रोस्कोपिक सर्जरी (Rotator Cuff Repair) की जाती है ।