आगरालीक्स…डिजिटल अरेस्ट की दहशत, आगरा की युवती को 31 दिन तक किया टॉर्चर. बॉडी स्कैन के बहाने कैमरे के सामने कपड़े उतरवाए. इंटरनेशनल कॉल से धमकी देकर 16.20 लाख रुपये करवाए जमा..
डिजिटल अरेस्ट कितना दहशतभरा होता है इसका अंदाजा वही लगा सकता है जिसने ये झेला है. आगरा की एक युवती को भी साइबर अपराधियों ने 31 दिन तक डिजिटल अरेस्ट किया. उसकी हर गतिविधि पर अपनी नजर रखी. कभी कॉल तो कभी वीडियो कॉल् के जरिए उसे अपने से जोड़ा रखा और मानसिक तनाव दिया. यही नहीं बॉडी स्कैन के बहाने कैमरे के सामने उसके कपड़े भी उतरवाए. मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी देकर उससे 16.20 लाख रुपये भी जमा कराए. साइबर ठगी का शिकार होने का पता चलने पर पीड़िता ने साइबर पुलिस में इसकी सूचना दी, पांच महीने बाद एक युवक को अरेस्ट किया गया है.31 दिन तक स्काइप एप से जोड़ा, हर गतिविधि पर रखी नजर
शाहगंज में रहने वाली यह युवती एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत है. युवती के पास 24 दिसंबर 2024 को विदेश के नंबर से एक व्हाट्सअप काल आई थी. कॉल पर एक अन्य युवती थी जिसने अपना नाम मेघा बताया. उसने कहा कि वह सिंगापुर की कूरियर कंपनी से बोल रही है. आपके नाम से एक पार्सल होल्ड है. उन्होंने पार्सल भेजने से मना किया तो युवती बोली कि यह आपका ही है. इसमें 5 पासपोर्ट, 3 क्रेडिट कार्ड, स्मॉल बैंक के कागजात, 3.5 किग्रा कपड़े, 58 पैकेट में दवाएं और 17354 रुपये हैं. रिसीवर की जगह पर सिंगापुर का पता लिखा है.
युवती ने बताया कि 27 दिसंबर से पुलिस, सीबीआई, ईडी, नारकोटिक्स के अधिकारी बनकर 16.20 लख रुपये लेने के बाद 5 लाख और देने के लिए दबाव बनाया. मगर रुपये नहीं थे. युवती ने बताया कि 31 दिन तक उसे डिजिटल अरेस्ट कर टॉचर किया गया. कैमरे के सामने बॉडी स्कैन के नाम पर कपड़े तक उतरवाए और उनके वीडिये भी बनाए. 23 जनवरी को कॉल् कट किया. बाद में युवती ने इस बारे में अपने दोस्तों को बताया, तब उन्हें डिजिटल अरेसट का पता चला. इस पर युवती ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी.
ई रिक्शा चालक था गिरोह में शामिल, आईफोन का करता था प्रयोगसाइबर थाना पुलिस ने एक आरोपी रविंद्र प्रसाद वर्मा को अरेस्ट किया. वह ई रिक्शा चलाता है. पुलिस ने कई दिन तक नजर रखने के बाद गिरफ्तारी की. वह रिक्शा दिखाने के लिए अपने पास रखता है और दिनभर मोबाइल पर लगा रहता है. परिवार में इकलौता है और बीएस पास है. हाल ही में उसने 60 हजार रुपये का आईफोन भी खरीदा था. साइबर पुलिस ने बताया कि रविंद्र प्रसाद ठग गिरोह की सबसे निचली कड़ी हे. पूछताछ में उसने अपने साथियों के नाम नहीं बताए हैं. उसने अपने खाते में रकम ली थी. पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि पीड़ित युवती से रकम 4 खातों में जमा कराई थी. कॉल भी हांगकॉग, तमिलनाडु, और असम की वर्चुअल आईडी से किए गए थे.