आगरालीक्स…आगरा में मौसम बदलने के साथ ही बीमारियां भी बढ़ी. घर-घर में लोग बीमार. ख्बच्चे सबसे ज्यादा बुखार और खांसी जुकाम से हो रहे प्रभावित. चिकित्सकों ने कहा ऐसे रखें ध्यान
आगरा में इस समय मौसम बदल रहा है दिन में धूप हो रही हे तो देर रात को मौसम ठंडा हो रहा है. आज तो पूरे दिन बारिश हुई है जिसके कारण तापमान काफी कम हुआ है लेकिन इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. गांव हो या फिर शहर. हर जगह लोग बुखार और सर्दी जुकाम से पीड़ित हैं. घर-घर में लोग बीमार हो रहे हैं. सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है. बच्चे जलद ही बुखार और खांसी जुकाम की चपेट में आ रहे हैं. बारिश के कारण जलभराव और तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. जिला अस्पताल में प्रतिदिन सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार, उल्टी-दस्त और पेट संबंधी बीमारियों से पीड़ित काफी संख्या में बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं. इसके अलावा निजी अस्पतालों में बीमार बच्चों की संख्या इतनी अधिक पहुंच रही है कि सुबह का नंबर शाम तक आ रहा है. शहर के बाल रोग विशेषज्ञों के पास इन दिनों भीड़ बढ़ गई है. मौसम बदलने तथा जगह-जगह जल-जमाव के कारण बच्चे संक्रामक बीमारियों की चपेट में आने से बीमार हो जा रहे हैं. इसमें सर्दी, जुकाम, खुजली, खांसी, सांस फूलना और निमोनिया आदि से पीड़ित बच्चे शामिल हैं.

फतेहपुर सीकरी में दो बच्चों के मौत की सूचना
इधर आगरा के फतेहपुर सीकरी के एक गांव में बुखार से दो बच्चों के मौत की सूचना है. गांव में कई बच्चे बीमार हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गांव हंसपुरा में रहने वाले मुकेश कुमार की तीन साल की बेटी ने बुखार से दम तोड़ दिया तो वहीं दो दिन पहले कुंवर सिंह के पांच साल के बेटे की भी बुखार से मौत हुई है. यहां बुखार का प्रकोप जानलेवा साबित हो रहा है. वहीं स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में तीन मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हो चुकी है.
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरूण जैन और जेएन टंडन का कहना है कि मौसम बदलने से बच्चे वायरल की चपेट में आ रहे हैं. इन दिनों सबसे अधिक वायरल बुखार, खांसी, उल्टी-दस्त और खून की कमी से पीड़ित बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं. मौसम बदलने के चलते इस समय बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है. परिवार में कोई व्यक्ति बीमार है तो बच्चों को उससे दूर रखें.
यह बरतें सावधानी
साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें.
बारिश में बच्चों को भीगने न दें.
गंदे पानी में न जाने दें.
बीमार लोगों से बच्चों को दूर रखें.
आइसक्रीम, शीतल पेयपदार्थ, बाहर का सामान, बर्फ, ठंडा पानी न दें.
पूरी आस्तीन का कपड़ा पहनाएं और मच्छरदानी का प्रयोग करें.
मौसम बदलने से वायरल इंफेक्शन होता है और इम्यूनिटी कम हो जाती है, जिससे बैक्टीरिया का संक्रमण तेज हो जाता है। इस समय अस्पताल में वायरल बुखार, खांसी, सर्दी, उल्टी-दस्त आदि के मरीज सर्वाधिक आ रहे हैं। बच्चों के इलाज में लापरवाही न बरतें.
जेएन टंडन, बाल रोग विशेषज्ञ