आगरालीक्स…आगरा में बच्चों ने बनाए ईको फ्रेेंडली गणेश. मिट्टी, बीज, रंग, फूल से बनाई सुंदर गणेश प्रतिमाएं. प्रतियोगिता में दिखाया अपना हुनर
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के महिला प्रकोष्ठ एवं पारीजात संगठन (एनजीओ) के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को मंगलम आधार सोसाइटी, शास्त्रीपुरम में "ईको-फ्रेंडली गणेशा मेकिंग प्रतियोगिता" का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य थीम "ईको-फ्रेंडली सीड गणेशा" रखा गया, जिसके अंतर्गत बच्चों को प्राकृतिक संसाधनों और बीजों के माध्यम से गणेश प्रतिमा बनाने हेतु प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में 10 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 18 बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। एक घंटे की इस रचनात्मक गतिविधि में प्रतिभागियों ने मिट्टी, बीज, रंग, फूल और कपड़े के छोटे टुकड़ों का प्रयोग कर सुंदर गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया। बच्चों की रचनात्मकता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
प्रतियोगिता परिणाम:
प्रथम स्थान: आराध्या वार्ष्णेय एवं हिमाद्री हांडेकर
द्वितीय स्थान: दिव्यांशी रेवाड़ी एवं त्वेशा सेठ
तृतीय स्थान: वान्या शर्मा, देवांश वार्ष्णेय
कार्यक्रम का संचालन और संयोजन परीजात संगठन की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अनुराधा चौहान तथा विश्वविद्यालय महिला प्रकोष्ठ की सदस्य एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रीति सिंह द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में विश्वविद्यालय महिला प्रकोष्ठ से पूजा सक्सेना, डॉ. श्वेता चौधरी ने सभी बच्चों को प्रशस्ति पत्र और विजेताओं को मेडल और पुरस्कार से पुरस्कृत किया. इस अवसर पर डॉ. अनुराधा चौहान ने कहा कि बच्चों को ऐसे आयोजनों से पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ-साथ भारतीय परंपरा और संस्कृति से भी जोड़ा जा सकता है। वहीं, डॉ. प्रीति सिंह ने कहा कि गणेश उत्सव जैसे त्यौहारों को यदि प्रकृति-संवेदनशील ढंग से मनाया जाए, तो यह समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश बनेगा। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में परीजात संगठन एवं डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय महिला प्रकोष्ठ की सक्रिय भूमिका रही। मंगलम आधार सोसाइटी की सभी महिलाएं और डॉ सीमा सिंह कार्यक्रम मे सम्मिलित रहीं। यह आयोजन बच्चों के लिए रचनात्मकता, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने का एक सराहनीय प्रयास साबित हुआ.