आगरालीक्स…आगरा में बढ़ रही (बर्ड फ्लू) एच-5 एन-1 एवियन इन्फ्लूएन्जा वायरस बीमारी से बचाव के लिए डीएम ने ली बैठक. आवश्यक तैयारियों के लिए दिए निर्देश
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में जनपद में, (बर्ड फ्लू) एच-5 एन-1 एवियन इन्फ्लूएन्जा वायरस बीमारी से बचाव हेतु आवश्यक तैयारियां की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में बताया गया कि आइसीएआर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज आनन्द नगर, भोपाल (म० प्र०) की रिपोर्ट दिनांक 10 अगस्त, 2025 द्वारा किसान श्री करनदीप सिंह, कप्तान पोल्ट्री फार्म, ग्राम सेहोरा, तहसील बिलासपुर, जिला रामपुर, उ0प्र0 के कुक्कुट पक्षियों में एच-5 एन-1 एवियन इन्फ्लूएन्जा वायरस के पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है।एवियन इन्फ्लूएन्जा (बर्ड फ्लू) बीमारी मुख्यरूप से प्रवासी पक्षियों के माध्यम से(साइबेरियन सारस, रफ पक्षी, साइबेरियन क्रेन, ग्रेटर फ्लेमिंगो, यूरेशियन बिल, एशियाई गौरैया) एवं मानवीय संपर्क से फैलती है। जनपद में कीठम झील सहित अन्य स्थलों पर प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी रहती है तथा पोल्ट्री फार्म भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। बैठक में बताया गया कि जनपद में एवियन इन्फ्लूएन्जा (बर्ड फ्लू) बीमारी की सम्भावना के दृष्टिगत मॉनीटरिंग हेतु जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है तथा जनपद स्तर पर उक्त हेतु एक कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गई है, जिसका नम्बर 9456446462, 9837228551, 9412607658 है।
जिलाधिकारी ने एवियन इन्फ्लूएन्जा (बर्ड फ्लू) बीमारी से बचाव हेतु आवश्यक तैयारियां करने एवं सावधानियां/सतर्कता बरतने हेतु राजस्व,वन विभाग, पशुपालन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस,पंचायतराज विभाग आदि के समन्वय से कार्य योजना बनाने, सभी पोल्ट्री फार्म स्वामियों के साथ तहसील, ब्लॉक स्तर पर बैठक कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने,अतिरिक्त सावधानी, स्वच्छता बरतने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि पशुपालन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा कुक्कुट पालकों से लगातार सम्पर्क स्थापित किया जाए, जिससे पक्षियों में किसी भी असामयिक बीमारी एवं अत्यधिक संख्या में अचानक पक्षियों की मृत्यु की दशा में तत्काल विभाग को सूचना मिल सके। जनपद में जहाँ अधिक कुक्कुट इकाईयों हैं, वहाँ पर विशेष सतर्कता बरती जाए। पशुपालन विभाग के अधिकारी वन विभाग के अधिकारियों के साथ लगातार सम्पर्क में रहे, जिससे वन क्षेत्रों में किसी भी प्रजाति के पक्षियों की आकस्मिक एवं आसाधारण मृत्यु के मामले में तत्काल कार्यवाही की जा सके।पोल्ट्री एवं प्रवासी पक्षियों का गहनतापूर्वक एवं गम्भीरतापूर्वक सर्विलॉन्स किया जाए, इस हेतु बैकयार्ड पोल्ट्री, पोल्ट्री फार्म, पोल्ट्री दुकान/बाजार, प्रवासी पक्षियों के मार्ग, वन्य जीव अभ्यारण्य, पक्षी अभ्यारण्य, नैशनल पार्क, चिडियाघर, जलाशय, अन्तर्राष्ट्रीय/अन्तर्राज्यीय सीमा से लगे क्षेत्रों का लगातार सर्विलॉन्स किया जाए, सीरो सर्विलान्स के कार्य को प्रभावी तरीके से जारी रखा जाए। यदि कहीं पर पक्षियों की अस्वाभाविक मृत्यु होती है, तो तत्काल सूचित करते हुए, मृत पक्षी को परीक्षण हेतु नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी ऐनिमल डिजीजेज (एन०आई०एच०एस०एन०डी०) प्रयोगशाला, भोपाल (म०प्र०) तथा सीरम सैम्पल एवं नेजल/क्लोएकल/ट्रैकियल स्वैव सैम्पल रीजनल डिजीज डायग्नोसिस लेबोरेटरी (आर०डी०डी०एल०), आई०वी०आर०आई०, बरेली, उत्तर प्रदेश को भेजा जाए।
बैठक में वन विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी वन्य जीव अभ्यारणों, नियमित सेनेटाइजेशन, वर्ड सेन्चुरी, वाटर बॉडीज जहां प्रवासी पक्षियों का आवागमन हो की सूची बनाई जाए तथा उक्त जगहों पर बायों सिक्योरिटी नियम अपनाये जाए। पंचायतीराज विभाग को निर्देशित किया गया कि प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, पोल्ट्री फार्मों के मालिकों को समुचित दिशा-निर्देश देकर साफ-सफाई कराना, कुक्क्ट एवं कुक्कुट उत्पादों के थोक तथा फुटकर बाजारों की साफ-सफाई व मृत पक्षियों की सूचना तत्काल जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम को देना सुनिश्चित करेंगे। पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया कि मुर्गियों व अन्य पक्षियों तथा अण्डों का परिवहन खुले वाहनों से न किया जाए, सड़क एवं रेल मार्ग द्वारा बर्ड फ्लू प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले कुक्क्ट एवं कुक्कुट उत्पादों के प्रवेश पर कड़ी निगरानी एवं सतर्कता सुनिश्चित करें।
भारत सरकार द्वारा निर्गत एक्शन प्लान फॉर प्रिवेंशन, कंट्रोल एंड कॉन्टेंमेंट ऑफ एवियन इन्फ्लूएन्जा(संशोधित-2021) एवं निर्धारित प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। जनपद में पालतू पक्षियों बर्ड फ्लू सर्विलान्स एवं मॉनिटरिंग को निरन्तर बनाए रखा जाए, पशुजन्य जोखिम प्रबन्धन हेतु सम्बन्धित कर्मचारियों को दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक सूट सहित, उचित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) से लैस किया जाए।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि बर्ड फ्लू,जिसे एवियन फ्लू भी कहा जाता है, इन्फ्लूएंजा (फ्लू) एक प्रकार की वायरल बीमारी है जो ज्यादातर जंगली जल पक्षियों को संक्रमित करता है लेकिन घरेलू पक्षियों (मुर्गी) और अन्य जानवरों को संक्रमित कर सकता है। मनुष्यों को प्रभावित करने वाले सबसे सामान्य प्रकार एच-5 एन-1, एच-7 एन-9, और एच-9 एन-2 हैं।
बर्ड फ्लू के संकेत लक्षणों में, मनुष्य में खाँसी,गला खराब होना, मांसपेशियों में दर्द और थकान,श्वसन लक्षण,सिरदर्द,बहती नाक,नम आँखें,मितली और उल्टी,सांस लेने में दिक्कत,निमोनिया और एक्यूट श्वसन संकट सिंड्रोम (एआरडीएस),श्वसन संकट सिंड्रोम आदि हैं।
उन्होंने कहा कि बचाव हेतु निम्न सावधानियां रखी जाएंः- मृत पक्षी की सूचना तत्काल जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम को दें,कुक्कुट या कुक्कुट उत्पाद को अच्छी तरह पका कर ही खायें, कुक्कुट पक्षियों के पालने के स्थान / फार्म के आस-पास जैव सुरक्षा, साफ-सफाई, डिस्इन्फेक्शन करें,एन्टीसैफ्टिक लोशन से हाथ को अच्छी तरह से धोयें।संक्रमित होने पर चिकित्सक की सलाह पर दवा खाएं।
मृत पक्षी को छुए नहीं,अफवाहों पर ध्यान न दें,जिन क्षेत्रों में बर्ड फ्लू की सूचना प्राप्त हो उसके आस-पास भ्रमण न करें,संक्रमित पक्षियों के सीधी संपर्क में आने से बचें तथा हाथों से दाना आदि न खिलाएं,कुक्कुट या अन्य पक्षियों को खुले वाहनों में परिवहन न करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती प्रतिभा सिंह, एडीएम वित्त व राजस्व शुभांगी शुक्ला, एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान, सीवीओ डॉ.डीके पांडेय, सीएमओ डॉ अरुण कुमार श्रीवास्तव, डीएफओ चांदनी सिंह,जिला सूचना अधिकारी शैलेन्द्र कुमार शर्मा, डीपीआरओ मनीष कुमार सहायक पुलिस उपायुक्त आनंद कुमार पांडे सहित संबंधित सभी विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।