आगरालीक्स…आगरा के डॉक्टर जिन्हें बदमाशों ने 28 दिन किडनैप कर रखा. कैंसर, गुर्दा प्रत्यारोपण, हार्ट अटैक पड़ने के बाद भी बाबू मोशाय की तरह से लोगों को हंसाते रहे…
आगरा के वरिष्ठ बाल चिकित्सा सर्जन डॉ. किशोर पंजवानी अब हमारे बीच नहीं है. लाफ्टर क्लब बनाकर रोते हुए को हंसा देने वाले वरिष्ठ बाल चिकित्सा सर्जन डॉ. किशोर पंजवानी का सोमवार को सिनर्जी अस्पताल में निधन हो गया. आगरा का चिकित्सा जगत उनके निधन पर शोक में है. आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के 1982 एमबीबीएस बैच के डॉ. किशोर पंजवानी ने बीएचयू से एमसीएच पीडियाट्रिक सर्जरी की थी. इसके बाद वे आगरा में प्रैक्टिस कर रहे थे. पिछले 23 साल से वे कैंसर से जंग लड़ रहे थे. इस दौरान उन्हें कई बार कैंसर हुआ. लेकिन हर बार उन्होंने कैंसर को मात दी. इस बार कैंसर ज्यादा घातक साबित हो गया.कई बार कैंसर को दी मात
डॉ. किशोर पंजवानी को पहली बार वर्ष 2003 में जननांग में कैंसर डिटेक्ट हुआ था. इस कैंसर के उन्होंने मात दी लेकिन 2011 में फिर कैंसर ने इनको घेरा और इस बार मुंह का कैंसर हुआ. लेकिन डॉ. किशोर पंजवानी ने इसे भी मात दी. इसके अगले साल 2012 में इनकी किडनी फेल हो गई. इनकी पत्नी स्त्री रेाग विशेषज्ञ डॉ. शर्मिला पंजवानी ने अपनी किडनी दी. 2021 में डॉक्टर किशोर पंजवानी को को हार्ट अटैक हुआ जिसके लिए एंजियोप्लास्टी की गई. लेकिन 2025 में इनको फिर से कैंसर ने घेरा और इस बार जीभ का कैंसर हुआ. इनका इलाज चल रहा था. रेडियोथैरेपी भी चल रही थी. कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब होने पर आगरा के सिनर्जी प्लस में उनका इलाज चल रहा था. सोमवार शाम को उनका निधन हो गया.
डॉ. किशोर पंजवानी ने एक लाफ्टर क्लब बनया था. इसमें कई डॉक्टर और अलग—अलग समाज के लोग थे. खेल गांव में सुबह सुबह लाफ्टर क्लब लोगों को हंसाने का काम करता था. डॉ. किशोर पंजवानी समाज के हर वर्ग से जुड़े थ्े और लोगों की मदद करते थे. इसके अलावा उन्होंने कैंसर से जूझ रहे मरीजों, गुर्दा प्रत्यारोपण मरीजों का ग्रुप बना रखा था जिसमें वो अपना उदाहरण देकर उनका हौसला बढ़ाते थे.
डकैतों ने भी किया था किडनैप
डॉक्टर किशोर पंजवानी को भगवान टाकीज के पास से डकैतों ने किडनैप भी किया था. अस्पताल से जाते समय डकैत उन्हें साथ ले गए थे. 28 दिन तक उन्हें अपने पास भी रखा था.