आगरालीक्स …Agra News: महिलाओं में टीबी के कारण भी बांझपन की समस्या हो रही है। अब आगरा में इंजेक्शन से 72 घंटे में टीबी की जांच। ( Agra News: Infertility due to Tb in women#Agra )
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कि इस सीवाई टीबी परीक्षण की खास बात यह है कि यह बीसीजी टीकाकरण से प्रभावित नहीं होता, जिससे गलत नतीजों की संभावना बेहद कम हो जाती है। संक्रमण की पुष्टि होने पर मरीज को टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) दिया जाता है ताकि बीमारी सक्रिय न हो पाए। उन्होंने ने बताया कि सीवाई टीबी परीक्षण में रक्त निकालने की आवश्यकता नहीं होती और यह आईजीआरए टेस्ट के समान सटीक मानी जाती है साथ ही इसमें कोई बूस्टर प्रभाव नहीं होता और यह कम संसाधनों वाले क्षेत्रों में भी आसानी से किया जा सकता है। इस परीक्षण से उन लोगों को भी समय पर पहचाना जा सकेगा जिनमें संक्रमण छिपा होता है, लेकिन लक्षण नहीं दिखते हैं । सक्रिय टीबी की पहचान के लिए बलगम जांच व एक्सरे किया जाएगा ।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता ने बताया कि सीवाई टीबी परीक्षण एक आधुनिक त्वचा परीक्षण है, सीवाई टीबी परीक्षण में इंजेक्शन के माध्यम से जांच की जाएगी । टीबी जांच के उपरांत सिर्फ 48 से 72 घंटे में ही सटीक जाँच परिणाम उपलब्ध हो जाएगा । यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जो टीबी मरीजों के संपर्क में आए हैं या जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर है। उच्च जोखिम वाले मरीजों के लिए सीवाई टीबी टेस्ट अनिवार्य है। उन्होंने ने बताया कि यह परीक्षण विशेष रूप से उच्च जोखिम वाली आबादी के लिए स्क्रीनिंग कार्यक्रमों में उपयोगी है, जैसे कि टीबी रोगियों, स्वास्थ्य सेवा श्रमिकों या एचआईवी वाले लोगों के संपर्क। सी वाई-टीबी परीक्षण के आगमन से टीबी के निदान और उपचार में एक नई उम्मीद जगी है। होगी। सीवाई-टीबी परीक्षण परीक्षण के उपरान्त टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) दिया जायेगा। सी वाई-टीबी परीक्षण, टीबी के निदान में एक नई उम्मीद लेकर आया है।