आगरालीक्स…आपात स्थिति में कैसे बचाई जा सकती है जान. आगरा के एसएन सहित सभी राजकीय कॉलेजों में शुरू हुआ NELS TOT कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश के सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MOHFW) के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट, NELS (National Emergency Life Support) के अंतर्गत, पहले आधिकारिक ट्रेनर ऑफ ट्रेनर्स (TOT) कार्यक्रम का आज से शुभारंभ हो गया है। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 1 सितंबर से 5 सितंबर तक कौशल केंद्र (SKILL centre) में आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य NELS के दिशानिर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विशेषज्ञों को तैयार करना है।इस प्रशिक्षण में, मेरठ, झांसी, सैफई, नोएडा के GIIMS और जालौन जैसे प्रमुख मेडिकल कॉलेजों के प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर भाग ले रहे हैं।

BLS और ACLS का भी होगा प्रशिक्षण
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में, राष्ट्रीय आपातकालीन जीवन समर्थन (NELS) दिशानिर्देशों के साथ, बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और एडवांस्ड कार्डियक लाइफ सपोर्ट (ACLS) का भी गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण आपातकालीन स्थितियों में जीवन बचाने के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के कौशल को और निखारेगा।
NELS से बचाई जा सकती हैं अनगिनत जानें
इस अवसर पर, डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्रधानाचार्य, एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा ने कहा, "आपातकालीन जीवन समर्थन तकनीकें अनगिनत जानें बचा सकती हैं। यह प्रशिक्षण न केवल हमारे मेडिकल पेशेवरों को आधुनिक तकनीकों से लैस करेगा, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में भी एक नया अध्याय जोड़ेगा।" उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।