आगरालीक्स…आगरा में अब ‘बस’ स्टेयरिंग होगी महिलाओं के हाथ, आगरा की महिलाएं कानपुर में हो रहीं ट्रेंड, जल्द पिंक बस की सीट पर होंगी काबिज…
ऐसे समय में जब आत्मनिर्भर भारत का नारा देश में गूंज रहा है, महिलाएं पीछे नहीं हैं। वे ऐसे कार्य क्षेत्र भी चुन रही हैं जिनमें पुरूषों का अधिकार समझा जाता है। आगरा की कई महिलाएं बस चलाने का प्रशिक्षण ले रही हैं, जो अब अंतिम दौर में है। जल्द पहले बैच से पास आउट महिलाएं पिंक बस दौड़ातीं नजर आएंगी।

कौशल विकास योजना के तहत देश का पहला महिला ड्राइवर बैच कानपुर के विकास नगर स्थित रोडवेज ड्राइविंग इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग ले रहा है। भारी वाहन प्रशिक्षण के इस पहले बैच में 23 महिला प्रशिक्षु हैं, जिनमें से आगरा कीं दो प्रशिक्षु संगीता चौहान और भावना दीक्षित अब अंतिम दौर की परीक्षा देंगी। रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि कौशल भारत मिशन के तहत यूपी में पहली बार महिला बस ड्राइवरों को प्रशिक्षित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यूपीएसआरटीसी मॉडल ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में लगभग सात महीने का प्रशिक्षण है। कौशल विकास मिशन के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों से इसमें 18 से 34 वर्ष आयु तक की महिलाएं शामिल हैं।
कार्यक्रम में आगरा से छह महिलाएं शामिल हुई थीं, जिनमें से दो ने अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ली है और अंतिम दौर की परीक्षा पास करने के बाद यह जल्द ही पिंक बसों की कमान संभालेंगी। 15 अप्रैल को आनलाइन और आफलाइन ड्राइविंग टेस्ट होगा और सफल होने वाली महिलाओं को रोडवेज में पहले एक साल के लिए संविदा पर तैनाती दी जाएगी। इसके बाद इनको रोडवेज की बसों का संचालन करने की कमान दे दी जाएगी। गौरतलब है कि यूपीएसआरटीसी के पास दर्जनों पिंक बसें हैं जो अब तक पुरुषों द्वारा संचालित हैं। सभी 23 महिलाओं के बैच को पहले 200 घंटे तक कार चलाने की और फिर 400 घंटे तक बस चलाने की ट्रेनिंग दी गई है।