आगरालीक्स… राजा की मंडी रेलवे स्टेशन की आय करोड़ों रुपये है पर यात्री सुविधाएं अब काफी कम रह गई हैं। ट्रेनों के समय ही भीड़-भाड़ रहती है। (फोटो।
शहर के बीच में होने से यात्रियों के लिए सुविधाजनक
राजा की मंडी रेलवे स्टेशन शहर के बीचों-बीच होने के कारण यात्रियों को यहां बेहतर सुविधा लगती है। फ्लेटफार्म एक से दिल्ली की ओर जाने वाली गाड़ियां आती हैं, जबकि प्लेटफार्म नंबर दो पर आगरा कैंट से झांसी और अन्य स्टेशनों को जाने वाली गाड़ियां जाती हैं। कई सुपरफास्ट ट्रेनों का भी स्टेशन पर ठहराव है।
रेलवे को रोजाना ढाई से तीन लाख की कमाई

रेलवे सूत्रों के मुताबिक रेलवे को राजा की मंडी रेलवे स्टेशन से ठीक-ठाक कमाई भी हो जाती है। रेलवे को औसतन रोजना ढाई से तीन लाख रुपये की कमाई होती है, जो सालाना औसतन करीब 10 करोड़ रुपये की हो जाती है।
प्लेटफार्म नंबर एक पर पेयजल सुविधा भी नहीं

कमाई के लिहाज से यात्री सुविधाएं उतनी उपलब्ध नहीं हो पाती है। यात्रियों के लिए पीने के पानी की प्लेटफार्म नंबर एक, तीन चार पर तो कोई व्यवस्था नहीं है, जबकि प्लेटफार्म नंबर दो पर यह सुविधा यात्रियों को दिखाई नहीं देती।
यात्री प्रतीक्षालय में पडा रहता है ताला

प्लेटफार्म के यात्री प्रतीक्षालय में भी ताला पड़ा रहता है। प्लेटफार्म दो की तरफ एक बूथ पर पानी और अन्य सामान बिक्री के लिए जरूर है। चाय, पेठा आदि के स्टॉल तो कभी के खत्म हो चुके हैं।
प्लेटफार्म नंबर तीन-चार पर रहता है सन्नाटा

राजा की मंडी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन और चार के हालात अभी भी बदतर हैं।
प्लेटफार्म नंबर तीन से टूंडला की ओर जाने वाली गाड़ियां रुकती हैं, जबकि प्लेटफार्म नंबर चार पर टूंडला की ओर से आने वाली गाड़ियां। इस ट्रैक पर गिनी-चुनी ट्रेनों के गुजरने के कारण इन प्लेटफार्म पर 24 घंटे सन्नाटा पसरा रहता है। मालगाड़ियों के आने के समय झंडी दिखाने के लिए जरूर कोई कर्मचारी आ जाता है। यात्री सुविधा के बारे में तो इन प्लेटफार्म पर बात करना भी बेमानी हो जाता है।
वाहन स्टैंड कर व्यवस्था काफी लचर

स्टेशन के बाहर अब स्टैंड की सुविधा भी नहीं दिखती है। स्टेशन पर परिजनों को छोड़ने और लेने आने वाले लोग अपनी गाड़ियों को बाहर यूं ही खड़ा कर अंदर चले जाते हैं। गाड़ियां इस दौरान सुरक्षा के अभाव में खड़ी रहती हैं।
मेट्रो स्टेशन के लिए भी चल रही है तैयारी
राजा की मंडी रेलवे स्टेशन पर फिलहाल मेट्रो स्टेशन के लिए भी काम चल रहा है, जिसे देखते हुए स्टेशन के मुख्य गेट के बाहर मेट्रो के बोर्ड तैयार किए जा रहे हैं, जिससे बेरीकेडिंग के रूप मे गेट के सामने लगा दिया गया है।
