आगरालीक्स..Agra News: . आगरा की रामलीला में रामबरात की रार के बाद लंका कांड, राजा दशरथ को मिल रही जान से मारने की धमकी, सुरक्षा की मांग। ( Agra News: Ramleela Raja Dashrath Ajay Agarwal get threat, demand for security#Agra )
उत्तर भारत की 148 साल पुरानी रामबरात में रार मच गई है। प्रभु श्री राम बरात लेकर कमला नगर में सजी मिथिला नगरी यानी जनकपुरी में पहुंचे। यहां दशरथ बने बीएन ग्रुप आफ इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और श्री राम सेवा मिशन के उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने आरोप लगाए कि जनकपुरी के मंच पर उनके लिए जो जगह निर्धारित की गई थी उस पर उन्हें बैठने नहीं दिया गया। इसके बड़हार की दावत में भी आमंत्रित नहीं किया गया। उन्होंने वीडियो जारी कर जनकपुरी आयोजन समिति पर आरोप लगाए इसके बाद नया मामला सामने आया है।
कह रहे हैं राजा दशरथ यहीं आएंगे, फिर देखते हैं
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राजा दशरथ बने अजय अग्रवाल ने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है और गर्वन उपलब्ध कराने के लिए कहा है। उनका कहना है कि जनपुरी आयोजन के दौरान जान से मारने की धमकी मिल रही है। शुभचिंतकों का कहना है कि जनकपुरी कमेटी में कुछ तत्व ऐसे हैं जो कह रहे है कि राजा दशरथ आएंगे तो यहीं फिर देखते हैं, इससे सुरक्षा की चिंता हो रही है इसलिए पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत पत्र देकर सुरक्षा की मांग की है।
जनकपुरी के मंच से शुरू हुआ विवाद
18 सितंबर को कमला नगर में सजी जनकपुरी के जनक मंच पर राजा दशरथ को खंभे के पीछे बैठाने से जहां असहज स्थिति उत्पन्न हुई, वहीं शुक्रवार को आयोजित बड़हार की दावत में उन्हें व्यक्तिगत आमंत्रण पत्र न दिए जाने से मामला और तूल पकड़ गया। जनकपुरी महोत्सव समिति की ओर से राजा जनक राजेश अग्रवाल द्वारा रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों और नगरवासियों को बड़हार की दावत के लिए निमंत्रण दिया गया था। लेकिन राजा दशरथ अजय अग्रवाल को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रण पत्र नहीं दिया गया। राजा दशरथ अजय अग्रवाल का कहना है कि शुक्रवार दोपहर लगभग 3:23 बजे राजा जनक का फोन आया और दावत में आने के लिए कहा गया। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें कोई निमंत्रण पत्र प्राप्त नहीं हुआ। राजा जनक का कहना था कि आमंत्रण लग्न पत्रिका के समय दे दिया गया था। राजा दशरथ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बिना औपचारिक आमंत्रण और पूर्व सूचना के वे बड़हार की दावत में सम्मिलित नहीं हो सकते। उन्होंने यह भी कहा कि गुरुवार को जनक मंच पर उन्हें अमर्यादित व्यवहार का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी भावनाएँ आहत हुईं। अजय अग्रवाल ने कहा कि बिना औपचारिक आमंत्रण और पूर्व सूचना के वे बड़हार की दावत में सम्मिलित नहीं हो सकते.