आगरालीक्स… आगरा के कुलदीप, हादसे में हाथ का 90 प्रतिशत हिस्सा शरीर से अलग हो गया, हाथ को शरीर से अलग करना पड़ता लेकिन जेपी हॉस्पिटल, नोएडा की टीम ने रीकंस्ट्रक्शन सर्जरी कर हाथ बचा लिया।
जेपी हॉस्पिटल, नोएडा द्वारा शनिवार को प्रेसवार्ता आयोजित की गई, जेी हॉस्पिटल के डाॅ सौरभ कुमार गुप्ता, एसोसिएट डायरेक्टर, डिपार्टमेन्ट आफ प्लास्टिक, एस्थेटिक एण्ड रीकन्स्ट्रक्टिव सर्जरी ने बताया कि कुलदीप का हादसे में एक हाथ पूरी तरह से शरीर से अलग हो गया केवल 10 प्रतिशत हिस्सा ही जुड़ा रह गया था। कई अस्पतालों में दिखाने पर बताया कि हाथ को अलग करना पड़ेगा, 41 साल के कुलदीप के लिए शरीर से हाथ अलग होने पर जिंदगी भर का दर्द रहता।
उन्होंने जेपी हॉस्पिटल, नोएडा में संपर्क किया। यहां उनके हाथ की कुहनी पर छोटी-छाटेी ब्लड वैसल्स को बाल से भी पतले टांके का उपयोग कर सिला गया। इसके बाद स्किन ग्राफ्टिंग की गई, इसके लिए जांघ ये टिश्यू लेकर इसे ग्राफ्ट किया गया, जिससे हाथ के घायल हिस्से को कवर किया जा सक। इस तरह कुलदीप के हाथ को शरीर से अलग होने से बचा लिया गया।