आगरालीक्स…आगरा में एसएन के डॉक्टरों का कमाल. 4 साल की बच्ची की आंखों की रोशनी चली गई थी. होंठ से झिल्ली लेकर की आंखों की सफल सर्जरी. पढ़ें एक अच्छी खबर
डॉक्टरों को भगवान का ही रूप कहा जाता है. फिरोजाबाद के रहने वाले निरसाद और उनकी चार साल की बेटी तान्या के लिए आज एसएन के डॉक्टरों ने कमाल कर दिया. बुखार के बाद आंखें चिपकने और बाद में आंखों की रोशनी जाने के बाद मासूम को एसएन लाया गया. यहां नेत्र रोग विभाग में मासूम के होंठ से झिल्ली लेकर म्यूकस मेंब्रेन ग्राफ्टिंग की सर्जरी की गई. करीब चार घंटे चली यह सर्जरी आखिरकार सफल हुईण्
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फिरोजाबाद के गांव करारे में रहने वाले निरसात की चार साल की बेटी तान्या को तीन महीने पहले बुखार आया था. गांव में दवा दिलवाई गई. इसके बाद शरीर पर फफोले पड़ गए और बच्ची की आंखें चिपक गई. परिजनों ने इसे माता चिकनपॉक्स माना और आगे इलाज नहीं कराया, लेकिन इससे बच्ची की आंखों की रोशनी चली गई. इसके बाद बच्ची को एसएन की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया. कई जांचें कराने पर पता चला कि दवा से बच्ची को रिएक्शन हो गया था. बच्ची को स्टेबेंसजानसर सिंड्रोम हुआ था और इलाज न कराने के कारण बच्ची की आंखों की रोशनी चली गई थी.

एसएन के नेत्र रोग विभाग में कार्निया एंड आक्यूलर विभाग की अध्यक्ष डॉ. शेफाली मजूमदार ने बताया कि बच्ची की आंख के अंदर की परतें चिपक गई थीं. इस तरह के केस में जटिल म्यूकस मेंब्रेन ग्राफ्टिंग की जाती है इसके लिए तान्या के होंठों की झिल्ली ली गई और इससे आंख की चिपकी हुई परतों को बनाया गया. करीब चार घंटे तक चली सर्जरी सफल रही और बच्ची की आंखों की रोशनी वापस आ गई. डॉक्टरों ने बताया कि सर्जरी सफल होने से बच्ची की आंखों की रोशनी फिर से वापस आएगी. उन्होंने दावा किया कि यह प्रदेश का पहला म्यूकस मेंब्रेन ग्राफ्ंिटंग सर्जरी है. सर्जरी में डॉ. शेफाली मजूमदार के साथ एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. सुप्रिया, रेजीडेंट डॉक्टर मुकेश प्रकाश, लवी मधुर, आलोक गंगवार के साथ दीपिका डेनियर, महेंद्र और रवि शामिल रहे.