आगरालीक्स… 80 साल की महिला को दिल का दौरा आया, जांच की तो केवल 20 प्रतिशत ही काम कर रहा था दिल. आगरा के शांतिवेद इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस में पहली बार हाई रिक्स बाईपास सर्जरी का हुआ सफल आपरेशन. कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नीरज कुमाार और कार्डियोथोरेसिक वास्कुलर सर्जन डॉ. सुशील सिंघल ने किया सफल आपरेशन
80 वर्षीय मरीज़ को दिल का दौरा पड़ने के बाद उसका दिल बेहद कमजोर हो गया था। ईको जांच में पता चला कि उसका दिल केवल 20% (EF = 20%) ही काम कर रहा था। मरीज़ को दिल के फ़ेल (हार्ट फेलियर) के कारण आईसीयू में भर्ती किया गया, और उसकी किडनी भी ठीक से काम नहीं कर रही थी। जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई थी। बार-बार हार्ट फेल और बार-बार अस्पताल में भर्ती होने के कारण, कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नीरज कुमार ने हार्ट की बाईपास सर्जरी की सलाह दी और आगरा के कार्डियोथोरेसिक वास्कुलर सर्जन डॉ. सुशील सिंघल से मिलने को कहा।
मरीज़ के परिजनों ने बताया कि हार्ट बाईपास सर्जरी के लिए वे जयपुर और दिल्ली के बड़े-बड़े अस्पतालों में भी गए थे, लेकिन हाई रिस्क केस होने के कारण हम लोग तैयार नहीं हुए। इसके बाद वे शांति वेद अस्पताल आगरा में कार्डिओ थोरसिक वैस्कुलर सर्जन डॉ. सुशील सिंघल से मिले। डॉ. सुशील सिंघल ने मरीज़ की कमजोर दिल, किडनी की समस्या और 80 वर्ष की उम्र को देखते हुए हाई रिस्क दिल की बाईपास सर्जरी का निर्णय लिया, लेकिन यह भी भरोसा दिया कि ऑपरेशन के बाद मरीज़ पूरी तरह से ठीक हो जाएगा।
हार्ट की बाईपास सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। बाईपास सर्जरी के बाद मरीज़ की हालत में तेजी से सुधार हुआ। मरीज़ को एक दिन वेंटिलेटर और तीन दिन आईसीयू में मरीज़ की स्थिति पर गहन और निरंतर निगरानी रखी गई । मरीज़ को तीन दिन बाद कमरे में शिफ्ट किया गया। छठे दिन ही मरीज़ को वार्ड से छुट्टी दे दी गई। डिस्चार्ज से पहले की गई ईको जांच में पता चला कि मरीज़ के दिल की कार्यक्षमता (EF) में ऑपरेशन के बाद सुधार हुआ है।
मरीज़ और उनके परिवार वाले आगरा में इतनी जटिल और सफल दिल की बाईपास सर्जरी देखकर कार्डियोथोरेसिक वास्कुलर सर्जन डॉ. सुशील सिंघल, कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नीरज कुमार और शांति वेद अस्पताल के प्रति अत्यधिक आभारी हैं।
यह ऑपरेशन आगरा के हार्ट सर्जरी के क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है। मरीज़ और उनके परिवारजन इस असाधारण सफलता के लिए सीटीवीएस डॉ. सुशील सिंघल, कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नीरज कुमार और शांति वेद अस्पताल की पूरी टीम के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हैं।
आगरा में इस तरह की जटिल और जोखिमपूर्ण बाईपास सर्जरी का सफल होना न केवल मरीज़ और उनके परिवार के लिए एक बड़ी राहत है, बल्कि यह चिकित्सा जगत में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी है। डॉ. सुशील सिंघल और उनकी टीम की कुशलता और समर्पण ने यह साबित कर दिया कि अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी सही उपचार और आत्मविश्वास के साथ असंभव को संभव किया जा सकता है। यह ऑपरेशन न सिर्फ आगरा में, बल्कि पूरे उत्तर भारत में एक मिसाल बन गया है कि कैसे आधुनिक चिकित्सा और विशेषज्ञता की मदद से उम्र और जटिलताओं के बावजूद मरीज़ों को नई जिंदगी दी जा सकती है। शांति वेद अस्पताल की यह सफलता यह दर्शाती है कि गंभीर और हाई रिस्क मरीज़ों का इलाज अब छोटे शहरों में भी अत्यधिक दक्षता के साथ किया जा सकता है, जिससे मरीज़ों को बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ती। यह पूरे आगरा जिले और आस-पास के इलाकों के लिए गर्व का विषय है।