आगरालीक्स….आगरा में अग्नि सुरक्षा के इंतजामों के आडिट में बड़ा खुलासा, एक हॉस्पिटल की एनओसी संदिग्ध, सात हॉस्पिटलों में मानक अधूरे, मरीज भर्ती करने पर रोक लगाने की संस्तुति।
झांसी मेडिकल कालेज अग्निकांड में 11 नवजात की मौत के बाद प्रदेश के सभी जिलों में हॉस्पिटलों में अग्नि सुरक्षा का आडिट करने के निर्देश दिए हैं। डीएम, आगरा अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने आडिट के लिए अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम गठित की है। टीम ने मंगलवार को कमला नगर क्षेत्र के हॉस्पिटलों का निरीक्षण किया।
हॉस्पिटल की फायर एनओसी संदिग्ध, मानक नहीं मिले पूरे
एसीएमओ डॉ. जितेंद्र लवानियां के अनुसार, सार्थक हॉस्पिटल कमला नगर की जांच की गई, यहां हॉस्पिटल संचालक ने 2022 की फायर की एनओसी दिखाई, एनओसी 2025 तक मान्य थी। एनओसी पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी के हस्ताक्षर थे वे आगरा में कार्यरत ही नहीं रहे। हॉस्पिटल संचालक टीम को अग्निशमन विभाग में एनओसी के लिए किए गए आनलाइन आवेदन की प्रति भी उपलब्ध नहीं करा सके। सार्थक हॉस्पिटल के संचालक डॉ. राजीव गुप्ता का मीडिया से कहना है कि आरोप निराधार हैं, अग्निशमन विभाग द्वारा एनओसी जारी की गई है और 2025 तक वैधता है। मंडल अधिकारी के हस्ताक्षर भी हैं। आग बुझाने के हॉस्पिटल में सभी इंतजाम हैं, टीम ने भी जांच की तो सभी इंतजाम मिले।
अस्पतालों में मानक नहीं मिले पूरे
एसीएमओ डॉ. जितेंद्र लवानियां ने बताया कि कमला नगर ओम अशोका हॉस्पिटल, भाटिया क्रिटकल केयर एंड मैटनिटी सेंटर, बीएम हॉस्पिटल, ह्रदयम हॉस्पिटल, अभलाषा नर्सिंग होम, सर्वोदय हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। हॉस्पिटलों में अग्निशमन विभाग के मानक अधूरे मिले।
मरीज भर्ती करने पर रोक लगाने की संस्तुति
एसीएमओ डॉ. जितेंद्र लवानियां ने बताया कि किसी भी हॉस्पिटल में आग बुझाने के प्रर्याप्त इंतजाम नहीं मिले हैं। इन सभी हॉस्पिटलों में मानक पूरे न होने तक मरीज भर्ती करने परी रोक लगाने की संस्तुति की गई है।