आगरालीक्स…इनके जीवन में थोड़ा संघर्ष जरूर है, लेकिन ईमानदारी जिंदा है, अच्छाई अभी बाकी है, नजीर, राजेश, नूर, मातादीन, धीरज, शकील से जुडे़ रोचक किस्से सुनेंगे तो सलाम करेंगे
ईमानदार होने पर जीवन में थोड़ा संघर्ष जरूर है, लेकिन यह एक ईश्वरीय गुण है, जिसके अंदर होता है उसका जीवन बड़ा सुखमय होता है। नजीर, राजेश, नूर, मातादीन, धीरज, शकील आदि आटो रिक्शा चालकों से जुडे़ किस्से सुनेंगे तो उन्हें सलाम करेंगे।
आगरा में टीम एसओएस है। यह टीम आटो रिक्शा चालकों की है। इनका मकसद शहर की छवि को सुधारना है। यह आटो चालक पर्यटकों की मदद करते हैं, उनका खोया हुआ सामान लौटाते हैं, उन्हें गंतव्यों तक पहुंचाते हैं, बीमार को अस्पताल पहुंचाते हैं, बुजुर्गों की मदद करते हैं। ऐसे ही एक आटो रिक्शा चालक हैं नजीर अहमद, एक सवारी का सवा लाख रूपयों से भरा बैग जो ग्वालियर से अपनी बिटिया के एडमिशन के लिए आगरा आए थे। यह बैग वे नजीर के आटो में ही भूल गए। नजीर ने उन्हें वापस खोजा और यह बैग उन्हें लौटाया। राजेश शर्मा कैंट स्टेशन से आटो चलाते हैं। राजेश ने एक महिला की जान बचाई जह प्लेटफाॅर्म पर ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रही थी और पांव फिसल गया। राजेश ने कई बार सवारियों का छूटा सामान भी उन्हें वापस लौटाया। वीरेंद्र कुमार भी आटो चालक हैं जो एसओएस भोजनालय से भूखों को भोजन उपलब्ध कराते हैं।

नूर मोहम्मद भी आटो चलाते हैं। एक महिला के दुर्घटना में घायल होने पर नूर ने उन्हें अपने आटो से अस्पताल पहुंचाया और इलाज भी कराया। राजा की मंडी रेलवे स्टेशन से आटो चलाने वाले धीरज बघेल ट्रैफिक सपोर्ट सिस्टम में सहयोग प्रदान करते हैं, वे एसओएस भोजनालय के संचालन में भी सहयोग कर रहे हैं। एक और आटो रिक्शा चालक हैं मातादीन, जो बुजुर्गों के लिए निशुल्क आटो चला रहे हैं। आटो चालक गोपालदास नवानी लाॅकडाउन में पीपीई किट पहनकर जरूरतमंदों तक राशन और दवाएं पहुंचाते रहे। उन्होंने खाने के पैकेट भूखों तक पहुंचाए और कई बार रक्तदान किया। आटो चालक शकील अहमद ने राजा की मंडी रेलवे स्टेशन पर दम तोड़ते एक बीमार बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाया और उनकी जान बचाई। आटो चालक विनोद कुमार ने सवारी का आईफोन उन्हें वापस लौटाया। आटो चालक मोतीलाल कोविड काल में जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाते रहे। राजा की मंडी रेलवे स्टेशन से जुडे़ आटो चालक राजकुमार यातायात नियंत्रण में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। आटो चालक नासिर अब्बास और नीरज तिवारी ने कई बार आटो में छूटा यात्रियों का सामान और विद्यार्थियों के दस्तावेज उन तक पहुंचाए।
आगरा में सोल्जर्स आफ सोसायटी (एसओएस) का संचालन कर रहे डाॅ. नवीन गुप्ता ने बताया कि शहर की छवि को सुधारने में यह आटो रिक्शा चालक काफी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। धीरे-धीरे यह कारवां आगे बढ़ रहा है और दूसरे लोग भी प्रेरित होकर अच्छाई और ईमानदारी की मुहिम से जुड़ते जा रहे हैं।