आगरालीक्स….आगरा के आंबेडकर विवि के प्राइवेट परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि बढा दी है, अब 15 फरवरी तक फॉर्म भरे जा सकेंगे शनिवार देर रात तक सिर्फ 11,600 फॉर्म ही भरे जा सके। जबकि बीते सालों में यह संख्या 1.40 लाख तक रही है। पीआरओ डा. गिरजाशंकर शर्मा ने बताया कि 15 फरवरी के बाद तारीख नहीं बढ़ाई जाएगी। प्रथम वर्ष में शामिल होने के इच्छुक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। विवि उन्हें परीक्षा केंद्र आवंटित करेगा।
7 मार्च से मुख्य परीक्षाएं
आगरा के डॉ भीमराव अंबेडकर विवि की मुख्य परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गई है। परीक्षाएं सात मार्च से होंगी, मंगलवार रात को विवि प्रशासन ने डेट शीट जारी कर दी।
मंगलवार रात को विवि प्रशासन ने बीए बीएससी बीकॉम और एमए एमएससी एमकॉम का परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया है। बीए बीएससी बीकॉम की परीक्षाएं सात मार्च से 28 अप्रैल तक तीन पालियों में होगी। जबकि एमए एमएससी एमकॉम की परीक्षाएं 19 मार्च से 27 अप्रैल तक होगी।
प्राइवेट छात्रों की अलग परीक्षा
इस बार प्राइवेट छात्रों की अलग परीक्षा होगी। प्राइवेट छात्रों की परीक्षाएं 17 मार्च से 27 अप्रैल तक चलेंगी।
विवि के अधिकारियों के खिलाफ वारंट
अब मध्यप्रदेश में हुईं लेखपाल भर्तियों में विवि की फर्जी मार्कशीट और सत्यापन का मामला खुला है। इस मामले में एमपी की इंदौर कोर्ट ने तीन कर्मचारियों के खिलाफ वारंट जारी किए हैं। इनमें दो अधिकारियों के साथ एक महिला कर्मचारी भी शामिल है।
मामला पांच साल पुराना बताया जाता है। तब मध्य प्रदेश में लेखपाल के पदों पर भर्तियों को आवेदन मांगे गए थे। आगरा विवि की मार्कशीट के जरिए भी कइयों ने आवेदन किए। इनमें से कुछ को नौकरी भी मिल गई। मध्य प्रदेश सरकार ने आगरा विवि से इनका सत्यापन कराया था। सूत्रों के मुताबिक विवि से भी इन लोगों की सत्यापन रिपोर्ट भेज दी गई। जबकि यह मामले फर्जी थे। कॉलेजों के रिकार्ड से इसकी तस्दीक की गई है। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में इंदौर कोर्ट ने सेवानिवृत के बाद विवि में काम कर रहे एआर रामव्रत राम, पूर्व में कुलसचिव पद पर कार्य कर चुके डीआर प्रभाष द्विवेदी और टेक्नकल सेल में कार्यरत रहीं सर्वजीत कौर के नाम वारंट जारी किए हैं। बता दें कि प्रभाष द्विवेदी फिलहाल संपूर्णानंद विवि वाराणसी में कुलसचिव हैं। आठ फरवरी को तीनों को इंदौर की अदालत में पेश होना है। विवि के लीगल सेल में भी इसकी प्रति आई बताते हैं। पीआरओ डा. गिरजाशंकर शर्मा ने बताया कि इस तरह की जानकारी मिली है। विवि कानून का सम्मान करते हुए इसके पालन में सहयोग करेगा।